गया से रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट
Gaya Junction Operation Amanat: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) गया ने “ऑपरेशन अमानत” के तहत एक बार फिर यात्रियों का भरोसा मजबूत किया है. हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस में छूटे एक बैग को बरामद कर उसके वास्तविक मालिक को सुरक्षित लौटा दिया गया. बैग में नकद राशि, एटीएम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे, जिनकी कुल कीमत करीब 15 हजार रुपये आंकी गई है.
आरपीएफ को कैसे मिली खोए हुए बैग की जानकारी?
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट गया को एससीएनएल/डीडीयू के माध्यम से सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 18624 डाउन हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस के विकलांग कोच में एक सफेद रंग का हैंड बैग छूट गया है. बताया गया कि बैग के मालिक कोडरमा जंक्शन पर उतर गए थे और उनका सामान ट्रेन में ही रह गया.
बरामद बैग में क्या-क्या मिला?
सूचना मिलते ही आरपीएफ गया के सहायक उप निरीक्षक अच्छेबर सिंह ने संबंधित कोच की जांच शुरू की. जांच और पूछताछ के दौरान सीट पर रखा एक सफेद झोला बरामद किया गया. आरपीएफ की जांच में बैग के अंदर एक लेडीज पर्स, 10 हजार रुपये नकद, एटीएम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले. बरामद सामान को सुरक्षित कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई.
बैग के असली मालिक तक आरपीएफ कैसे पहुंची?
बैग में मिले मोबाइल नंबर के आधार पर आरपीएफ ने यात्री कृष्णा सिंह, निवासी रांची, से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि रांची से कोडरमा की यात्रा के दौरान उतरते समय उनका बैग ट्रेन में छूट गया था.
सत्यापन के बाद भारतीय रेलवेबैग कैसे लौटाया गया?
आरपीएफ पोस्ट गया में बरामद सामान को सुरक्षित रखा गया. बाद में शिकायतकर्ता के आधार कार्ड और यात्रा टिकट का सत्यापन किया गया. सभी दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद बैग और उसमें रखे सामान सही-सलामत यात्री को सौंप दिए गए.
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यात्री ने आरपीएफ की कार्यशैली पर क्या कहा?
करीब 15 हजार रुपये मूल्य के सामान की सुरक्षित बरामदगी और वापसी पर यात्री ने आरपीएफ गया का आभार व्यक्त किया. उन्होंने आरपीएफ की ईमानदारी, तत्परता और यात्री हित में किए गए प्रयासों की सराहना की.
यात्रियों के लिए ऑपरेशन अमानत कितना महत्वपूर्ण है?
ऑपरेशन अमानत भारतीय रेलवे और आरपीएफ की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत ट्रेनों और रेलवे परिसरों में खोए हुए सामान को खोजकर उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है. इससे यात्रियों का रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है.
अब आगे क्या होगा?
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऑपरेशन अमानत के तहत यात्रियों के खोए हुए सामान को खोजकर उन्हें वापस लौटाने की कार्रवाई जारी रहेगी. साथ ही यात्रियों से यात्रा के दौरान अपने सामान पर विशेष नजर रखने की अपील भी की गई है.
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