कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट
Weather Update: कोसी-सीमांचल सहित बिहार के कई हिस्सों में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच शनिवार को कटिहार जिले का मौसम पूरी तरह बदल गया. पिछले दो दिनों से आसमान में उमड़-घुमड़ रहे बादलों और पुरवा हवा के बाद शनिवार सुबह करीब 07:30 बजे पूरे शहर और ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई. मौसम विभाग द्वारा बिहार के जिन 27 जिलों के लिए भारी बारिश और आंधी का ‘अलर्ट’ जारी किया गया था, उसमें कटिहार भी प्रमुखता से शामिल था. सुबह की इस पहली तेज बारिश के साथ ही बही ठंडी हवाओं ने दिन के पारे को धड़ाम से नीचे गिरा दिया, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिली है. हालांकि, इस सुनहरे मौसम के साथ ही शहर में जलजमाव और ब्लैकआउट की समस्या भी खड़ी हो गई है.
सड़कों पर रेंगते दिखे वाहन, बारिश से ठीक पहले पूरे शहर की बिजली गुल
- सड़कों पर सन्नाटा और वाहनों की मजबूरी: सुबह-सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण मुख्य बाजारों की सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर गया. दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई कि हाईवे और मुख्य मार्गों पर चलने वाले वाहन चालकों को दिन के उजाले में भी अपनी गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर रेंगना पड़ा.
- नगर निगम के दावों की खुली पोल: बारिश के कारण कटिहार नगर निगम के विभिन्न वार्डों की अंदरूनी सड़कों और मुख्य चौराहों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी. जलजमाव के कारण व्यापारियों ने अपनी दुकानें काफी देरी से खोलीं.
- अंधेरे में डूबा शहर: अमूमन हर बार की तरह, इस बार भी तेज बारिश और हवा की आहट मिलते ही बिजली विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति (पावर कट) ठप कर दी, जिससे उमस के बीच लोग पीने के पानी और अंधेरे से जूझते नजर आए.
किसानों के लिए ‘कहीं खुशी, कहीं गम’; मक्का और मूंग को भारी नुकसान का डर
फसलों पर बारिश का मिश्रित असर: यह मानसूनी फुहार कृषि क्षेत्र के लिए मिला-जुला असर लेकर आई है. इलाके के प्रगतिशील किसान रवि शंकर चौधरी, हरिशंकर चौधरी, मिट्ठू कुमार, कृष्ण नंदन कुमार, प्रभाकर कुमार और छोटेलाल शर्मा ने बताया कि पिछले कई दिनों की तीखी धूप से खेतों में खड़ी फसलें झुलस रही थीं, जिन्हें इस बारिश से नया जीवनदान मिला है.
- इन फसलों के लिए बनी ‘वरदान’: किसानों के अनुसार, अभी हो रही झमाझम बारिश लट्टर (बेल) वाली मौसमी सब्जियों, नेनुआ, परवल, हरी मिर्च और सूर्यमुखी (Sunflower) की खेती के लिए बेहद अमृत समान और लाभदायक सिद्ध होगी. इससे पौधों की बढ़वार तेजी से होगी.
- इन फसलों पर मंडराया ‘नुकसान का साया’: इसके विपरीत, खेतों में पककर तैयार खड़ी मक्का (Maize) और मूंग की दलहनी फसल के लिए यह बारिश किसी अभिशाप से कम नहीं है. मक्के के दानों और मूंग की फलियों में अधिक नमी आ जाने के कारण उनकी गुणवत्ता खराब होने, फंगस लगने और मंडियों में उचित दाम न मिलने की गंभीर आशंका बढ़ गई है.
बंगाल की खाड़ी में बने ‘निम्न दबाव’ से बदला मिजाज; अगले 24 घंटे सतर्क रहें
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) कटिहार के मुख्य मौसम वैज्ञानिक पंकज कुमार ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और आस-पास के वायुमंडल में बने एक मजबूत निम्न दबाव (Low Pressure Area) और हवा में अत्यधिक आर्द्रता (नमी) के कारण सीमांचल के आकाश में घने मानसूनी बादलों का निर्माण हुआ है, जिसके चलते यह झमाझम बारिश दर्ज की गई है.
वैज्ञानिक ने स्पष्ट किया कि यद्यपि यह पानी खरीफ सीजन की शुरुआती तैयारियों और सब्जियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह स्थिर नहीं कहा जा सकता. मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले 24 घंटों तक जिले के कुछ प्रखंडों में आंशिक बादल छाए रहने और रूक-रूक कर हल्की फुहारें पड़ने का दौर जारी रह सकता है. जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से आम नागरिकों से अपील की है कि वे जलजमाव वाले खुले मैनहोल, बिजली के जर्जर खंभों और आकाशीय बिजली (वज्रपात) चमकने के दौरान खुले खेतों से पूरी तरह दूर रहें.
