मुख्य बातें:
फारबिसगंज (अररिया) से मो. कलीम उद्दीन की रिपोर्ट
Road Rain Cut: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत अररिया जिले के फारबिसगंज अनुमंडल मुख्यालय से प्रशासनिक उपेक्षा और सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ की एक बड़ी खबर सामने आई है. शहर के पुरानी बस स्टैंड राम मनोहर लोहिया पथ से अनुमंडल कार्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित पुल के समीप भीषण ‘रेन कट’ होने से सड़क का किनारा पूरी तरह धंस गया है. इस कटी हुई सड़क और उसके दोनों ओर उगे घने जंगलों के कारण यह मार्ग अब सीधे तौर पर बड़ी दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहा है, जिससे यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालक और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालने को विवश हैं.
थोड़ा भी संतुलन बिगड़ा तो सीधे गड्ढे में पलटेगा वाहन
जमीनी हकीकत और सड़क की बदहाली से जुड़ी मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं. स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल के ठीक पहले मानसून की तेज बारिश के कारण सड़क के किनारे की मिट्टी पूरी तरह बह चुकी है, जिससे तीखा ढलान और गहरा गड्ढा बन गया है.
इस सिंगल लेन जैसी हो चुकी सड़क पर यदि विपरीत दिशा से आ रहे किसी वाहन को पास (Side) देने के चक्कर में या मोड़ पर मोटरसाइकिल सवारों का थोड़ा भी संतुलन बिगड़ा, तो गाड़ी सीधे नीचे गहरे खड्ड में पलट जाएगी.
वीवीआईपी दफ्तरों और एसएच-77 को जोड़ता है यह मुख्य मार्ग
भौगोलिक दृष्टि से इस मार्ग की महत्ता और प्रशासनिक कड़ियों के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं. यह कोई आम देहाती सड़क नहीं है, बल्कि इस मार्ग के जरिए प्रतिदिन हजारों लोग निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचते हैं:
- प्रशासनिक परिसर: अनुमंडल कार्यालय (SDO Office), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) का कार्यालय और वाणिज्य कर (Commerical Tax) कार्यालय.
- स्वास्थ्य लाभ: अनुमंडलीय अस्पताल (Sub-Divisional Hospital), जहां रोज सैकड़ों मरीज एम्बुलेंस और निजी वाहनों से आते हैं.
- महत्वपूर्ण चौक व हाईवे: जुम्मन चौक और फारबिसगंज-रानीगंज मुख्य मार्ग (SH-77).
इसके अलावा, जब भी फारबिसगंज शहर के मुख्य राम मनोहर लोहिया पथ पर भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, तो रानीगंज, भरगामा, रामपुर, हरिपुर और परवाहा जाने वाले सभी ऑटो, थ्री-व्हीलर, मोटरसाइकिल और बड़े व्यावसायिक वाहन इसी बाईपास सड़क का उपयोग करके स्टेट हाईवे-77 (SH-77) पर निकलते हैं.
Road Rain Cut: झाड़ियों के कारण अंधा मोड़, बढ़ गई है परेशानी
“सड़क की बदहाली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए स्थानीय व्यवसायियों और वाहन चालकों ने बताया कि एक तरफ जहां खतरनाक ‘रेन कट’ के कारण आधी पिच गायब हो चुकी है, वहीं सड़क के दोनों किनारों पर महीनों से घने जंगल और कंटीली झाड़ियां उग आई हैं. झाड़ियों के कारण सामने से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता, जिससे यह हिस्सा पूरी तरह ‘ब्लाइंड स्पॉट’ (अंधा मोड़) बन चुका है. रात के समय यहां स्ट्रीट लाइट न होने से खतरा दोगुना हो जाता है.”
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स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिलाधिकारी (DM) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से मांग की है कि किसी बड़े हादसे में किसी मासूम की जान जाने से पहले इस गंभीर समस्या का संज्ञान लिया जाए. ग्रामीणों ने अविलंब कटी हुई सड़क के किनारे पर बोल्डर पिचिंग (मिट्टी भराई) कराने, सुरक्षा के लिहाज से वहां बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर लगाने और सड़क के दोनों तरफ जमी झाड़ियों की साफ-सफाई कराने की पुरजोर गुहार लगाई है.
