Madhu Gottumukkala uploaded US sensitive files to ChatGPT: अमेरिका में साइबर सिक्योरिटी ब्रीच का एक बड़ा मामला सामने आया है. अमेरिका की साइबर सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा एजेंसी (CISA) के एग्जीक्यूटिव चीफ ने पिछले साल गर्मियों में सेंसिटिव कॉन्ट्रैक्टिंग फाइलों को चैटजीपीटी के पब्लिक वर्जन में अपलोड कर दिया था. इससे सरकारी जानकारी के खुलासे को रोकने के लिए बनाए गए ऑटोमेटेड सिक्योरिटी अलर्ट एक्टिव हो गए. Politico की रिपोर्ट के अनुसार, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के चार अधिकारियों ने यह जानकारी दी. रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला CISA के एक्टिंग डायरेक्टर डॉ. मधु गोट्टुमुक्कला से जुड़ा है.
गोट्टुमुक्कला ने मई में CISA जॉइन किया था. इसके तुरंत बाद उन्होंने एजेंसी के ऑफिस ऑफ द चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर से ChatGPT इस्तेमाल करने की स्पेशल पमिशन मांगी थी. उस समय यह टूल ज्यादातर DHS कर्मचारियों के लिए ब्लॉक था. हालांकि, अपलोड किए गए दस्तावेज गोपनीय (classified) नहीं थे, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक इनमें ऐसे कॉन्ट्रैक्टिंग दस्तावेज शामिल थे जिन पर ‘For Official Use Only’ (केवल आधिकारिक उपयोग हेतु) की मुहर लगी थी. यह टैग उन संवेदनशील सरकारी जानकारियों पर लगाया जाता है, जिन्हें सार्वजनिक रूप से जारी करने के लिए नहीं बनाया गया होता.
साइबर सुरक्षा मॉनिटरिंग सिस्टम ने अगस्त में इन अपलोड्स का पता लगाया. Politico के अनुसार, सिर्फ पहले हफ्ते में ही कई अलर्ट रिकॉर्ड हुए. मामले के सामने आने के बाद DHS की सीनियर लीडरशिप ने यह जांच शुरू की कि क्या इन खुलासों से सरकारी सुरक्षा से कोई समझौता हुआ है. हालांकि इस आंतरिक समीक्षा का नतीजा अभी स्पष्ट नहीं है.
मामला सामने आने के बाद गोट्टुमुक्कला ने DHS के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर अपलोड की गई कंटेंट का रिव्यू किया. Politico की रिपोर्ट के अनुसार, उस समय के कार्यवाहक DHS जनरल काउंसल जोसेफ माजारा और DHS के चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर एंटोइन मैककॉर्ड ने पोटेंशियल रिस्क के एसेसमेंट में पार्टिसिपेट किया. अगस्त में गोट्टुमुक्कला ने CISA के CIO रॉबर्ट कॉस्टेलो और चीफ काउंसल स्पेंसर फिशर के साथ भी बैठकें कीं. इनमें सेंसिटिव इनफॉर्मेशन के उचित प्रबंधन (एप्रोप्रिएट मैनेजमेंट) पर चर्चा हुई.
CISA ने क्या लगाए आरोप?
रिपोर्ट के अनुसार, CISA की डायरेक्टर ऑफ पब्लिक अफेयर्स मार्सी मैकार्थी ने बताया कि गोट्टुमुक्कला को DHS कंट्रोल के तहत ChatGPT इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी. मैकार्थी ने बताया कि, ‘कार्यवाहक निदेशक डॉ. मधु गोट्टुमुक्कला ने आखिरी बार मिड जुलाई 2025 में ChatGPT का उपयोग किया था. वह भी कुछ कर्मचारियों को दी गई ऑथराइज्ड टेंपररी छूट के तहत. CISA की सुरक्षा नीति यह है कि डिफॉल्ट रूप से ChatGPT की पहुंच ब्लॉक रहे, जब तक स्पेशल परमिशन न दी जाए.’
उन्होंने बताया कि यह यूज शॉर्ट टर्म और लिमिटेड था. उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी गवर्नमेंट मॉडर्नाइजेशन को आगे बढ़ाने और एआई में अमेरिकी नेतृत्व के रास्ते की बाधाएं हटाने के लिए कमिटेड है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI और अन्य मॉर्डन टेक्नॉलॉजी को अपनाने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया था. वहीं एक अधिकारी ने Politico से कहा, ‘गोट्टुमुक्कला ने CISA पर दबाव डालकर ChatGPT की अनुमति ली और फिर उसका दुरुपयोग किया.’
गोट्टुमुक्कला CISA के सीनियर अधिकारी हैं
गोट्टुमुक्कला फिलहाल CISA में सबसे वरिष्ठ राजनीतिक अधिकारी हैं. वह मई से एजेंसी को कार्यवाहक भूमिका में लीड कर रहे हैं. उनकी नियुक्ति DHS सचिव क्रिस्टी नोएम ने की थी. Politico की रिपोर्ट के अनुसार, CISA के स्थायी प्रमुख के रूप में डोनाल्ड ट्रंप ने सीन प्लैंकी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन पिछले साल उन्हें इस पोस्ट को जॉइन करने से रोक दिया गया था, जो अब तक अटकी हुई है.
गोट्टुमुक्कला पर पहले भी लगे हैं आरोप
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि गोट्टुमुक्कला का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है. 2025 में उन्हें कम से कम छह करियर कर्मचारियों को उस अनऑथराइज्ड काउंटरइंटेलिजेंस पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया. इसकी मांग गोट्टुमुक्कला ने की थी. पिछले हफ्ते कांग्रेस में गवाही के दौरान उन्होंने रिप्रेजेंटेटिव बेनी थॉम्पसन से कहा कि वह ‘उस वर्णन की धारणा (पॉलीग्राफ टेस्ट की) को स्वीकार नहीं करते.’
Politico ने यह भी रिपोर्ट किया कि गोट्टुमुक्कला ने पिछले हफ्ते कॉस्टेलो को उनके पद से हटाने की कोशिश की थी, लेकिन एजेंसी के अन्य राजनीतिक नियुक्त अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद यह कदम रोक दिया गया.
कौन हैं डॉ. मधु गोट्टुमुक्कला
डॉ. मधु गोट्टुमुक्कला एक इंडियन-अमेरिकन इंजीनियरिंग एग्जीक्यूटिव और एक्सपीरिएंस्ड साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट हैं. डॉ. गोट्टुमुक्कला ने आंध्र विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) की डिग्री हासिल की. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट आर्लिंगटन से कंप्यूटर साइंस में मास्टर ऑफ साइंस (MS) किया. गोट्टुमुक्कला ने डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी से सूचना प्रणाली (Information Systems) में पीएचडी की है. इसके अलावा, उनके पास यूनिवर्सिटी ऑफ डलास से इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट में एमबीए की डिग्री भी है.
वर्तमान में वह CISA (साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी) में सबसे वरिष्ठ राजनीतिक अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं. यह एजेंसी अमेरिका के संघीय नेटवर्क को रूस, चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी राष्ट्र-राज्यों से उत्पन्न जटिल और उन्नत साइबर खतरों से सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी निभाती है. सरकारी भूमिका से पहले उनका करियर निजी क्षेत्र में इंफॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी लीडरशिप में 24 वर्षों से अधिक का रहा है.
इस दौरान उन्होंने सैनफोर्ड हेल्थ में सीनियर डायरेक्टर (टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस) के रूप में काम किया. इसके अलावा वे सैमसंग मोबाइल, पॉलीकॉम, एचटीसी/कॉन्कर और कॉलहेल्थ में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जहां कॉलहेल्थ में उन्होंने मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) की भूमिका निभाई. उन्हें दूरसंचार, यूनिफाइड कम्युनिकेशंस, हेल्थ टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में ढेर सारा अनुभव है. उनके नाम एक अमेरिकी पेटेंट भी दर्ज है.
अगर ChatGPT पर जानकारी डाली गई, तो क्या होगा?
Politico के अनुसार, ChatGPT के पब्लिक वर्जन में डाली गई कोई भी जानकारी OpenAI के साथ साझा होती है. यह अन्य यूजर्स को जवाब देने में इस्तेमाल हो सकती है. ChatGPT के इस समय दुनिया भर में 700 मिलियन से भी ज्यादा यूजर्स दुनिया भर में हैं. इसके उलट, DHS कर्मचारियों के लिए एजेंसी का इंटरनल चैटबॉट DHSChat कॉन्फिगर किए गए हैं, ताकि डेटा फेडेरल सिस्टम से बाहर न जाए.
फेडरल गवर्नमेंट के स्टाफ को सेंसिटिव सामग्री के प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया जाता है. DHS पॉलिसी के अनुसार ऑफिशियल यूज वाले दस्तावेजों के किसी भी खुलासे के कारण और प्रभाव की जांच मैंडेटरी है. अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई दोबारा प्रशिक्षण से लेकर निलंबन या सुरक्षा मंजूरी (security clearance) रद्द किए जाने तक हो सकती है.
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