वेनेजुएला भूकंप का दर्द : गिरी इमारतें, बिखरे सपने, मलबे में दबी जिंदगी, 12 तस्वीरों में देखें विनाश का मंजर

1 / 1
वेनेजुएला भूकंप का दर्द : गिरी इमारतें, बिखरे सपने, मलबे में दबी जिंदगी, 12 तस्वीरों में देखें विनाश का मंजर
फुल स्क्रीन में देखें

अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हैं.

Venezuela Earthquake Photos: वेनेजुएला में बुधवार रात धरती के कांपने के बाद शहरों की तस्वीर बदल गई. गिरी इमारतें, बिखरा मलबा और अपनों को तलाशते लोग इस त्रासदी की भयावहता दिखा रहे हैं. लेकिन इस अंधेरे के बीच राहतकर्मियों की कोशिशें और लोगों का हौसला उम्मीद की नई कहानी लिख रहा है.

Venezuela Earthquake Photos: वेनेजुएला में बुधवार 24 जून 2026 की रात को आए दो बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है. इनकी तीव्रता क्रमश: 7.1 और 7.5 दर्ज की गई. अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, ये दोनों बड़े झटके राजधानी काराकस के पास मात्र 39 सेकंड के अंतर पर आए, जिससे कई बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, सड़कें फट गईं और हालात बिल्कुल युद्ध जैसे नजर आने लगे. 

1967 के बाद आए इस सबसे भयानक भूकंप के चलते कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है. उन्होंने कहा कि अब तक इस घटना में 32 लोगों के मारे जाने और 700 लोगों के घायल होने की सूचना है. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है.

हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर मृतकों का सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन USGS ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस आपदा में 10 हजार से 1 लाख लोगों तक के मारे जाने की आशंका है. सोशल मीडिया पर इस त्रासदी के दिल दहला देने वाले वीडियो सामने आ रहे हैं, जहाँ बदहवास लोग नम आँखों से अपनों को तलाशते हुए भाग रहे हैं.

10 फोटोज में देखें तबाही के मंजर

कभी किसी का घर अब मलबे का ढेर… भूकंप के बाद टूटे कंक्रीट के बीच बचाव दल जिंदगी के निशान तलाश रहा है.

मलबे के अंधेरे में जिंदगी की तलाश… वेनेजुएला में भूकंप के बाद रातभर राहतकर्मी टूटी इमारतों के बीच फंसे लोगों को बचाने की कोशिश में जुटे रहे. हर पत्थर के नीचे किसी की उम्मीद छिपी है.

सुबकती मां को बेटे की सांत्वना… भूकंप की दहशत के बाद घर छोड़कर बाहर आए फिर घर ही नहीं बचा. रोती और आंसुओं को संभालने की कोशिश करती मां को सहारा और सांत्वाना देता बेटा.

तबाही के बीच भी डटे हैं रक्षक… सुरक्षा बल और राहत दल रात के अंधेरे में लोगों की मदद और बचाव अभियान में जुटे हैं.

प्रकृति के एक झटके ने सब कुछ बदल दिया… गिरी हुई दीवारों के नीचे फंसी कार उस तबाही की गवाही दे रही है, जिसने पलभर में शहर का चेहरा बदल दिया.

मलबे से ज्यादा दर्द आंखों में दिखता है… भूकंप के बाद अपनों और अपने घरों को खोने के डर से टूटे एक इंसान को लोग संभालते नजर आए.

जो अपने हाथ नहीं उन्हें बचाना जरूरी… भूकंप के बाद वृद्ध लोगों को सबसे पहले रेस्क्यू किय गया. उन्हें हॉस्पिटल कंपाउंड में ही व्यवस्थित तरीके से सभी जरूरी चीजों के साथ सुरक्षित किया गया.

उजड़े आशियाने के बीच एक बुजुर्ग अपने हाथों से रास्ता बना रहा है… तबाही के बाद जिंदगी को फिर से जोड़ने की छोटी सी कोशिश.

ताश के पत्तों की तरह ढह गई इमारतें… कंक्रीट के इन मलबों में दबे हैं कई सपने, कई यादें और कई अधूरी कहानियां.

सर्च लाइट की रोशनी में जारी है उम्मीद की तलाश… बचावकर्मी मलबे के हर हिस्से में जिंदगी की एक आहट खोज रहे हैं.

एक मां की गोद में सिमटी बच्ची और आंखों में छिपा डर… भूकंप की त्रासदी के बीच यह तस्वीर इंसानी दर्द की सबसे मार्मिक कहानी कहती है.

मलबे के पहाड़ के बीच इंसानियत की मिसाल… नागरिक, स्वयंसेवक और बचावकर्मी मिलकर उम्मीद की एक नई सुबह तलाश रहे हैं.

ये भी पढ़ें:- न्यूयॉर्क के किंगमेकर बने जोहरान ममदानी, प्राइमरी चुनावों उनके 3 कैंडिडेट ने दर्ज की धमाकेदार जीत, हैवीवेट नेताओं को हराया

ये भी पढ़ें:- PoK को तड़पाकर दम लेगी मुनीर की पलटन! विरोध करने की सजा- आटा, तेल और दवाई की नाकेबंदी; हालात बेकाबू

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >