वेनेजुएला में भूकंप का कहर, अब तक 164 लोगों की मौत 971 घायल; राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने किया कंफर्म

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो ताकतवर भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है. इस आपदा में अब तक 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 971 लोग घायल हुए हैं. कई इमारतें ढह गई हैं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है.

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में बुधवार शाम आए लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी. देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने गुरुवार को बताया कि इस आपदा में अब तक कम से कम 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 971 लोग घायल हुए हैं. रोड्रिगेज ने कहा कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि मलबे में कई और लोग दबे हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि 7.2 और 7.5 तीव्रता के इन भूकंपों के बाद आपातकालीन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं.

30 आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने गुरुवार को बताया कि शुरुआती दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद क्षेत्र में कम से कम 30 झटके (आफ्टरशॉक्स) महसूस किए गए हैं. हालांकि, सबसे ज्यादा नुकसान पहले आए दो भूकंपों के कारण हुआ. राहत एवं बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में इमारतें ढह गई हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं. ऐसे में मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है और मृतकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की आशंका है.

संयुक्त राष्ट्र और IMF से सहायता की मांग

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, डेल्सी रोड्रिगेज ने सरकारी प्रसारक को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी सरकार राहत और बचाव कार्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ बातचीत कर रही है, ताकि अतिरिक्त बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जा सकें. उन्होंने यह भी कहा कि देश के पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के लिए 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर के प्रारंभिक कोष की व्यवस्था करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भी बात कर रहा है.

पड़ोसी देशों तक महसूस हुए झटके

कार्यवाहक राष्ट्रपति ने बताया कि ला गुएरा प्रांत इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा- कई इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं और बचाव अभियान लगातार जारी है. भूकंप के झटके इतने ताकतवर थे कि पड़ोसी देशों तक भी महसूस किए गए. ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में एहतियात के तौर पर कई इमारतों को खाली कराया गया, जबकि अन्य प्रभावित इलाकों में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.

मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

अधिकारियों के अनुसार, दोनों शक्तिशाली भूकंपों के बाद बचावकर्मी लगातार क्षतिग्रस्त इमारतों और मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं. कई क्षेत्रों में सड़क और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां सामने आ रही हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा दुख जाहिर किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि भारत की जनता वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़ी है. पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत इस कठिन समय में हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है.

अमेरिका ने भेजी राहत और बचाव सहायता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी घोषणा की है कि अमेरिका तत्काल खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा संसाधन तथा मानवीय सहायता वेनेजुएला भेज रहा है. रुबियो ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने और बचाव कार्यों को मजबूत करने के लिए अमेरिकी एजेंसियां स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर रही हैं.

जापान में भी आया 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप

इसी बीच जापान के उत्तरी तट के पास गुरुवार को 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. हालांकि जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने साफ कर दिया है कि इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है. एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 50 किलोमीटर की गहराई में स्थित था. प्रारंभिक रिपोर्ट में इसकी तीव्रता 6.9 बताई गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 7.2 कर दिया गया. भूकंप के झटके जापान के पूर्वोत्तर क्षेत्रों के साथ-साथ राजधानी तोक्यो में भी हल्के रूप से महसूस किए गए.

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फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं

जापान सरकार के शीर्ष प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने बताया कि भूकंप के बाद तत्काल किसी व्यक्ति के हताहत होने या बड़े पैमाने पर संपत्ति नुकसान की सूचना नहीं मिली है. हालांकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि सरकार की आपातकालीन टीम स्थिति का लगातार आकलन कर रही है और जरूरत पड़ने पर राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है.

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Published by: Pritish Sahay

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