US Iran War Threat: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका को ईरान का सम्मान करना होगा. उनका कहना है कि ईरान दबाव या जोर-जबरदस्ती की भाषा नहीं समझता. राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया (एक्स) पर लिखा कि ‘प्रसार निषेध संधि’ (NPT) के तहत ईरान को यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) का पूरा हक है. उन्होंने यह भी बताया कि ओमान में हुई बातचीत एक अच्छी शुरुआत है और उनका देश बातचीत के जरिए मसले सुलझाना चाहता है.
खाड़ी में बढ़ती हलचल
पिछले हफ्ते, बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी (Gulf) क्षेत्र में अमेरिका ने अपनी मिलिट्री ताकत काफी बढ़ा दी है. डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु प्लान और वहां जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई सख्ती को लेकर काफी नाराज है और दबाव बना रहा है.
US की तरफ से तैनात किए गए हथियार:
USS अब्राहम लिंकन: यह बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर अरब सागर में तैनात किया गया है.
जंगी विमान: जॉर्डन के बेस पर 12 F-15 फाइटर जेट्स, रीपर ड्रोन और A-10C थंडरबोल्ट विमान पहुंचे हैं.
निगरानी और जासूसी: स्वेज नहर के रास्ते गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और आसमान में ट्राइटन और सेंट्री जैसे सर्विलांस ड्रोन और विमान नजर रख रहे हैं.
ईरान का पलटवार- ‘हम डरने वाले नहीं’
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने रविवार को माना कि अमेरिका इस इलाके में अपना मिलिट्री बेड़ा बना रहा है. उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि अमेरिका चाहे कितनी भी फौज खड़ी कर दे, ईरान इससे डरने वाला नहीं है. उन्होंने साफ कर दिया कि चाहे युद्ध ही क्यों न हो जाए, ईरान यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) का काम नहीं रोकेगा.
अरागची के अनुसार, कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को वाशिंगटन पर भरोसा नहीं है और वे अपनी अगली चाल के लिए अपने पुराने दोस्तों चीन और रूस से सलाह-मशविरा कर रहे हैं.
ओमान में बातचीत: परमाणु बम पर क्या है स्टैंड?
पिछले साल जून में इजरायल और ईरान के बीच हुई 12 दिनों की जंग के बाद पहली बार ओमान में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हुई है.
ईरान की मांग: ईरान चाहता है कि उस पर लगी आर्थिक पाबंदियां (Sanctions) हटाई जाएं. इसके बदले वह अपने परमाणु कार्यक्रम में कुछ नरमी दिखा सकता है.
पश्चिमी देशों का डर: अमेरिका और इजरायल को लगता है कि ईरान परमाणु बम बना रहा है.
ईरान का जवाब: अरागची ने कहा कि वे बम नहीं बना रहे हैं. उनके लिए उनकी असली ताकत ‘ना’ कहने की हिम्मत है.
मिसाइलों के मुद्दे पर भी बातचीत अटकी हुई है
अमेरिका और इजरायल चाहते हैं कि बातचीत में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य गुटों को दिए जा रहे समर्थन पर भी बात हो, लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं है. इस बीच, अमेरिका ने ईरान के तेल एक्सपोर्ट को रोकने के लिए कई शिपिंग कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं.
ईरान के अंदर हालात कैसे हैं?
ईरान के अंदर भी माहौल काफी तनावपूर्ण है. सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के बाद तीन बड़े सुधारवादी नेताओं को गिरफ्तार किया है. साथ ही नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी की जेल की सजा और बढ़ा दी गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 3,100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि असल आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है.
जहां ट्रंप के दूत और सलाहकार (स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर) एयरक्राफ्ट कैरियर का दौरा कर रहे हैं, वहीं ईरान भी अपनी निगरानी बढ़ा रहा है. ट्रंप ने इस बातचीत को ‘बहुत अच्छा’ बताया है, जबकि ईरान इसे ‘एक कदम आगे’ मान रहा है. अब देखना यह है कि अगले हफ्ते होने वाली बातचीत शांति लाएगी या तनाव और बढ़ेगा.
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