US के ICE सुविधा केंद्र इमिग्रेंट की हत्या हुई; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का दावा, क्यूबा का था नागरिक

US ICE Immigrant Death: अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की कार्रवाई अब लोगों की मौत का कारण भी बन रही है. इस एजेंसी ने 8 जनवरी को एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी. अब एक क्यूबाई प्रवासी की मौत की जानकारी सामने आई है, जिसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या करार दिया है.

US ICE Immigrant Death: अमेरिका में बाहर से आने वालों के लिए डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां अब काफी मुश्किलें खड़ी कर रही हैं. टेक्सास के एक इमिग्रेशन हिरासत केंद्र में क्यूबा से आए 55 वर्षीय जेराल्डो लूनास कैंपोस की मौत को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हत्या माना गया है. वह 3 जनवरी को ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) की हिरासत में कैंप ईस्ट मोंटाना में थे. एल पासो काउंटी के डिप्टी मेडिकल एग्जामिनर ने कहा कि उनकी मौत “गर्दन और धड़ पर दबाव पड़ने से दम घुटने (एस्फिक्सिया)” की वजह से हुई. ICE अमेरिका की एक फेडेरल एजेंसी है, जो होमलैंड सुरक्षा विभाग (Department of Homeland Security- DHS) के तहत काम करती है.

एबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कैंपोस के परिवार ने आरोप लगाया कि हिरासत केंद्र के गार्डों ने उनका गला घोंटा और दम घुटने से उनकी मौत हुई. परिवार के वकीलों ने गवाहों को देश से बाहर भेजे जाने से रोकने के लिए अदालत में याचिका दायर की, जिसे मंजूरी मिल गई. DHS के प्रवक्ता ने कहा कि कैंपोस को “स्वास्थ्य संबंधी परेशानी” के बाद मृत घोषित किया गया. 

रिपोर्ट में बताया गया कि वह दवा लेने की लाइन में खड़े रहते हुए उग्र हो गए और अपने डॉर्म में लौटने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें अलग कमरे (सेग्रेगेशन) में रखा गया. यह ICE के ईस्ट कैंप मोंटाना में मरने वाला तीसरा बंदी है. DHS के अनुसार, उन्हें जुलाई में न्यूयॉर्क में हुई एक आव्रजन कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया गया था और उनके खिलाफ पहले नाबालिग से यौन संपर्क और अवैध हथियार रखने जैसे मामले दर्ज थे.

क्या है ICE?

ICE  का मुख्य काम अमेरिका में इमिग्रेशन कानून लागू करना, अवैध प्रवासियों को पकड़ना और उन्हें हिरासत या डिपोर्ट करना है. इसके अलावा ICE अवैध ड्रग्स, हथियार और मानव तस्करी जैसी बड़ी अपराधी जांच में भी शामिल होती है. ICE के दो मुख्य विभाग हैं. HSI, जो बड़े अपराधियों की जांच करता है, और ERO अवैध प्रवासियों की पहचान, गिरफ्तारी और उन्हें बाहर करने की जिम्मेदारी संभालता है. हालांकि, ICE बॉर्डर पर सीधे नहीं तैनात होता, लेकिन अमेरिका के अंदर प्रवासियों को पकड़ने में सक्रिय रहता है.

ICE की कार्रवाई पर हो रहा विवाद

ट्रंप के इमिग्रेशन नियमों को कठोर बनाने और देश में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई की वजह से, हाल के समय में ICE काफी विवादों में रहा है. इसके एक अधिकारी ने मिनियापोलिस में 8 जनवरी 2026 को एक महिला रेनी निकोल गुड को गोली मार दी थी, जब वह अपनी एसयूवी में थी. इसे लेकर अमेरिका में काफी प्रदर्शन और हिंसा हुई. मिनेसोटा में ICE ने हजारों लोगों की गिरफ्तारी और छापेमारी की, जिसे कई लोग ‘बहुत आक्रामक’ मानते हैं. 

बच्चों को ढाल बनाकर पैरेंट्स को पकड़ रहा ICE

इसके साथ ही ये अधिकारी बच्चों को हथियार बनाकर उनके पैरेंट्स को पकड़ रहे हैं. कुछ अदालतों और राज्यों ने ICE की हिंसक रणनीतियों पर सवाल उठाए, हालांकि ट्रंप की फेडेरल सरकार ने इसे समर्थन दिया. टेक्सास और अन्य राज्यों में छापेमारी बढ़ गई, जिससे नागरिकों, खासकर लैटिन अमेरिकी समुदायों में डर और नाराजगी फैली. ICE की हिरासत केंद्रों में मौतें भी विवाद का बड़ा कारण बनी हैं. 

रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में ICE हिरासत में 32 लोगों की मौत हुई, जो पिछले दशकों में सबसे ज्यादा थी. मानवाधिकार संगठन इसे गंभीर समस्या मानते हैं. इन घटनाओं के कारण अमेरिका में ICE और इमिग्रेशन नीति को लेकर गहरा डिवीजन बन गया है. लोग सवाल कर रहे हैं कि एजेंसी की ताकत और ट्रांसपैरेंसी कितनी होनी चाहिए.

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लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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