US grants asylum to Guan Heng: अमेरिका में इन दिनों इमिग्रेशन को लेकर काफी सख्त कार्रवाइयां हो रही हैं. इमिग्रेशन और कस्टम (ICE) के अधिकारी लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं. उनके घर में दरवाजा तोड़ कर घुस रहे. 2 और 5 साल के बच्चों को ‘चारा’ बनाकर उनके माता-पिता को हिरासत में ले रहे हैं. इतना ही नहीं, ICE एजेंट्स लोगों को गोली मारने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं. 7 जनवरी को रेने गुड नामक महिला और पिछले हफ्ते एलेक्स प्रेटी नामक पुरुष की इन्हीं अधिकारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इसकी पूरे अमेरिका में भारी आलोचना हो रही है. लेकिन इसी बीच अमेरिकी अदालत ने एक चीनी नागरिक को यूएस में शरण देने की इजाजत दे दी है. खास बात यह है कि यह नागरिक जिनपिंग के देश की पोल खोल रहा था.
चीन में मानवाधिकार हनन को उजागर करने वाले एक चीनी नागरिक को बुधवार को एक अमेरिकी इमिग्रेशन जज ने अमेरिका में शरण की इजाजत दे दी. प्रवासियों के खिलाफ आव्रजन की कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए चीनी नागरिक ने आशंका जताई थी कि अगर उन्हें उनके देश वापस भेजा गया तो उन्हें चीन में यातनाएं झेलनी पड़ सकती हैं. चीनी नागरिक 38 वर्षीय गुआन हेंग ने 2021 में अवैध रूप से अमेरिका पहुंचने के बाद शरण के लिए आवेदन किया था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से पूरे देश में इमिग्रेशन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इसी के तहत अगस्त में इमिग्रेशन इनफोर्समेंट अभियान में पकड़े जाने के बाद से गुआन हेंग हिरासत में हैं.
क्यों रिकॉर्ड किया था वीडियो?
न्यूयॉर्क के नैपानोच में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान गुआन से पूछा गया था कि क्या हिरासत केंद्रों की वीडियो रिकॉर्ड करने और फिर अमेरिका पहुंचने से कुछ दिन पहले वीडियो जारी करने का उनका इरादा शरण के लिए आवेदन करने का आधार प्राप्त करना था. इस पर उन्होंने कहा कि उनका यह इरादा नहीं था. ब्रूम काउंटी सुधार गृह से ऑनलाइन माध्यम से गुआन ने अनुवादक के जरिए अदालत को बताया, ‘मुझे उन उइगरों के प्रति सहानुभूति थी जिन पर अत्याचार किया जा रहा था.’
गुआन के वकील चेन चुआंगचुआंग ने अपनी दलील में कहा कि शरण क्यों मिलनी चाहिए इसकी वाजिब वजह है. गुआन को शरण देने की अमेरिका की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी दोनों है. सारी दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश चार्ल्स औसलैंडर ने गुआन से कहा कि अदालत ने उन्हें एक विश्वसनीय गवाह पाया है और उन्होंने शरण के लिए अपनी कानूनी पात्रता साबित कर दी है.
अमेरिका पहले गुआन को युगांडा भेजना चाहता था
अमेरिकी गृह मंत्रालय (DHS) ने शुरू में गुआन को युगांडा निर्वासित करने की कोशिश की. दिसंबर में जनता का ध्यान इस मुद्दे पर जाने के बाद विभाग ने यह योजना छोड़ दी. गुआन ने 2020 में शिनजियांग में नजरबंदी केंद्रों की गुप्त रूप से फिल्म बनाई. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार गुआन के इन वीडियो से चीनी क्षेत्र में व्यापक मानवाधिकारों के हनन के सबूत पुख्ता हुए थे. आरोप है कि इस तरह के नजरबंदी केंद्रों में जातीय अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से उइगर समुदाय के लगभग 10 लाख सदस्यों को कैद करके रखा गया है.
चीन से बाहर कैसे निकले गुआन?
गुआन ने हाल में ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को दिए साक्षात्कार दिया था. इसमें उन्होंने बताया कि वह जानते थे कि अगर वह फुटेज सार्वजनिक करना चाहते हैं तो उन्हें चीन छोड़ना होगा. वह पहले हांगकांग गए और वहां से इक्वाडोर गए, जहां चीनी पर्यटक बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं और फिर बहामास गए. उन्होंने अपने अधिकतर वीडियो यूट्यूब पर जारी किए और अक्टूबर 2021 में नौका से फ्लोरिडा के लिए रवाना हुए. गुआन ने न्यायाधीश को बताया कि उन्हें नहीं पता था कि वह नौका यात्रा में बच पाएंगे या नहीं और वह ये सुनिश्चित करना चाहते थे कि वीडियो फुटेज को देखा जाए. गुआन ने बताया कि वीडियो जारी होने के बाद चीन की पुलिस ने उनके पिता से तीन बार पूछताछ की.
वहीं, चीन की सरकार ने शिनजियांग में मानवाधिकारों के हनन के आरोपों से इनकार किया है. चीन सरकार का कहना है कि वह उन केंद्रों में स्थानीय निवासियों को रोजगार योग्य कौशल सीखने में मदद करने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती है. इसके साथ ही वह कट्टरपंथी विचारों को जड़ से खत्म करती है.
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