ट्रंप होटल विस्फोट, टेस्ला साइबरट्रक को उड़ाने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल, जानिए कैसे?

Trump Hotel Explosion: ओपनएआई, जो ChatGPT का निर्माता है, ने एक बयान में कहा कि उनके उपकरणों को जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है और वे हानिकारक या अवैध निर्देशों का पालन नहीं करते.

Trump Hotel Explosion: लास वेगास पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया कि ट्रम्प इंटरनेशनल होटल के बाहर विस्फोट करने वाले सैनिक मैथ्यू लिवेल्सबर्गर ने हमले की योजना बनाने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल किया था. अधिकारियों ने बताया कि लिवेल्सबर्गर ने हमले के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी, हालांकि उसका उद्देश्य किसी और को नुकसान पहुंचाना नहीं था.

ChatGPT पर लिवेल्सबर्गर की खोजों से यह पता चला कि वह विस्फोटक टारगेटिंग, गोलियों की गति, और एरिजोना में आतिशबाजी के कानूनी पहलुओं के बारे में जानकारी जुटा रहा था. लास वेगास मेट्रोपोलिटन पुलिस डिपार्टमेंट के शेरिफ केविन मैकमहिल ने जनरेटिव एआई के इस उपयोग को एक महत्वपूर्ण बदलाव बताया और कहा कि यह पहली बार है जब किसी ने ChatGPT को उपकरण बनाने में सहायता के लिए इस्तेमाल किया है.

ओपनएआई, जो ChatGPT का निर्माता है, ने एक बयान में कहा कि उनके उपकरणों को जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और वे हानिकारक या अवैध निर्देशों का पालन नहीं करते. उन्होंने यह भी बताया कि वे इस मामले में कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं.

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लिवेल्सबर्गर, जो एक ग्रीन बेरेट सैनिक था और अफगानिस्तान में दो बार तैनात रह चुका था, ने अपनी टेस्ला साइबरट्रक में करीब 27 किलोग्राम आतिशबाजी सामग्री और 32 किलोग्राम बर्डशॉट लोड किया था. पुलिस के अनुसार, वह रेसिंग-ग्रेड ईंधन डालने के बाद लास वेगास की ओर बढ़ा, जिसके बाद विस्फोट हुआ. अधिकारियों का मानना है कि आत्महत्या करने वाले हथियार की गोली के फ्लैश से विस्फोट हो सकता है.

लिवेल्सबर्गर ने एक जर्नल में लिखा था कि उसे लगता है कि पुलिस उसका पीछा कर रही है, हालांकि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. उसने पहले एरिजोना के ग्रैंड कैनियन के ग्लास स्काईवॉक पर हमले की योजना बनाई थी. उसने अपने पत्रों में लिखा कि विस्फोट एक जागरूकता का आह्वान था और वह देश की समस्याओं के प्रति चेतावनी देना चाहता था. लिवेल्सबर्गर ने यह भी लिखा कि उसे आतंकवादी के रूप में पहचाने जाने का डर था और यह भी डर था कि लोग सोचेंगे कि वह दूसरों को मारना चाहता था.

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By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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