Trump On NATO Nation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर NATO देशों की कड़ी आलोचनी की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के बिना NATO एक कागजी शेर है. ट्रंप ने आरोप लगाया कि NATO सदस्य देश परमाणु शक्ति संपन्न ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते, जबकि वे केवल तेल की बढ़ती कीमतों की शिकायत करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सदस्य देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने में मदद करने को तैयार नहीं हैं, जो कि एक सामान्य सैन्य अभ्यास है और उनकी माने तो तेल की ऊंची कीमतों का मुख्य कारण है. ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दुनिया के देश ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं. ट्रंप ने अपने बयान से यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिका ही नाटो (NATO) की असली ताकत है. ट्रंप ने नाटो देशो को डरपोक भी कहा है.
पहले भी नाटो पर हमला कर चुके हैं ट्रंप
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर नाटो के खिलाफ आग उगला है. इससे पहले भी वो अपनी भड़ास निकाल चुके हैं. मंगलवार (17 अप्रैल) को उन्होंने ट्रूथ सोशल पर लिखा था- अमेरिका से अधिकांश NATO सहयोगियों ने कहा है कि वे मिडिल ईस्ट में ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं. यह उस समय है जब लगभग हर देश इस बात से सहमत था कि अमेरिकी कार्रवाई सही है. ईरान को किसी भी तरह से परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
नाटो देशों से क्यों खफा है ट्रंप?
ट्रंप नाटो देशों से इसलिए खफा हैं क्योंकि ईरान ने इजराइल-अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. ट्रंप चाहते थे कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन, जर्मनी जैसे देश इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अपनी नौसेना तैनात करें. लेकिन, इन देशों ने इसमें शामिल होने से साफ इनकार कर दिया. इसी वजह से ट्रंप नाराज हैं. उनका कहना है कि जब इन देशों का व्यापार इस जलमार्ग पर काफी हद तक निर्भर है, तो इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हें ही उठानी चाहिए.
ईरान के परमाणु इरादों पर ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका को बड़ी सफलता मिली है. उन्होंने दावा किया कि दो हफ्ते पहले तक ईरान के पास मजबूत नौसैनिक ताकत थी, लेकिन अब उसकी नौसेना लगभग पूरी तरह तबाह हो चुकी है. ट्रंप ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में ईरान के 58 जहाज नष्ट कर दिए गए और वे समुद्र में डूब गए हैं. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा, क्योंकि अगर उनके पास एटम बम होते तो वे उनका इस्तेमाल करते, और हम ऐसा नहीं होने देंगे.
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