ट्रंप प्रशासन से 1 महीने में 3 धुरंधर आउट, क्या अब काश पटेल और तुलसी गबार्ड पर गिरेगी गाज?

Trump Cabinet Reshuffle: डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी सरकार में बड़े कैबिनेट बदलाव हो रहे हैं. पिछले एक महीने में तीन हाई प्रोफाइल अधिकारियों- क्रिस्टी नोएम, जो केंट और पाम बॉन्डी को बाहर कर दिया गया या उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में क्या अब तुलसी गबार्ड और काश पटेल के बाहर होने का नंबर है?

Trump Cabinet Reshuffle: अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार इन दिनों धड़ाधड़ रिशफल हो रही है. राष्ट्रपति ट्रंप अपने कैबिनेट से उन लोगों को बाहर निकाल रहे हैं, जिनसे या जिनके काम से वे खुश नहीं हैं. गुरुवार को अटार्नी जनरल पाम बॉन्डी को बर्खास्त कर दिया गया है. ट्रम्प प्रशासन में इस अनिश्चितता भरे माहौल में कुछ और लोगों को बाहर करने अटकलें चल रही हैं. इनमें सबसे ऊपर एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल और नेशनल इंटेलीजेंस चीफ की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड का नाम है.

बड़े स्तर पर फेरबदल में द अटलांटिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, पटेल और गबार्ड के साथ-साथ आर्मी सेक्रेटरी डैनियल डिस्क्रॉल और लेबर सेक्रेटरी लोरी शावेज-डीरीमर के नाम भी सामने आए हैं. हालांकि, काश पटेल को लेकर चर्चाएं सबसे ज्यादा तेज हैं. कंजरवेटिव कमेंटेटर काइल सेराफिन ने दावा किया कि ‘पूरी तरह से फेरबदल’ के तहत पटेल को जल्द हटाया जा सकता है.

उन्होंने दो सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि इस बात की अच्छी संभावना है कि आज काश पटेल को हटा दिया जाए और पूरी टीम में बदलाव हो. उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि ट्रंप पटेल के क्यों हटाना चाहते हैं? उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि ट्रम्प इसे ऐसा दिखाना चाहते हैं जैसे यह उनका खुद का फैसला है, न कि दबाव में लिया गया कदम.’

विवादों से घिरा पटेल का एफबीआई चीफ का करियर

काश पटेल अपनी नियुक्ति के बाद से ही विवादों में है. कभी गर्लफ्रेंड को लेकर और तो कभी गर्लफ्रेंड के पास जाने के लिए हेलीकॉप्टर से जाने के वजह से. उन्होंने ट्रंप के खिलाफ 2020 के चुनावों की जांच करते हुए तीन एफबीआई एजेंटों को बहार कर दिया था. उन्होंने डिपार्टमेंट के खिलाफ केस दायर किया है.

पटेल को हटान की पहले भी उड़ी थी खबर

हालांकि, काश पटेल को प्रशासन से बाहर करने की खबरें पहले भी आई हैं, लेकिन उस समय पटेल ने इसे हंसते हुए टाल दिया था. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिना लेविट ने ट्रंप और पटेल की फोटो साझा करते हुए इसे रूमर करार दिया था. लेकिन ईरान युद्ध की वजह से बदली हुई परिस्थिति में ट्रंप प्रशासन कब क्या कर दे, कहा नहीं जा सकता.

तुलसी गबार्ड के खिलाफ भी बन रहा माहौल

इसी बीच तुलसी गबार्ड के भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, खासकर पाम बॉन्डी को हटाने के बाद. यह अटकलें उस समय और तेज हो गईं जब कैपिटल हिल में हुई एक वैश्विक खतरे पर सुनवाई के दौरान गबार्ड ने अपने पूर्व डिप्टी जो केंट की खुलकर आलोचना नहीं की. केंट ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि ईरान अमेरिका के लिए तत्काल खतरा नहीं है.  बयान पहले ही ट्रम्प को नाराज कर चुका था. 

कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि ट्रम्प गबार्ड की गवाही से खासे असंतुष्ट थे और उन्हें लगा कि उनका रुख ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर प्रशासन की नीति के अनुरूप नहीं है. उन्होंने ट्रंप के बयान से उलट ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं है. हालांकि, इंटलीजेंस ने खुफिया जानकारी इसके विपरीत थी. निजी तौर पर, ट्रम्प ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से यह भी राय ली कि क्या गबार्ड को बदला जाना चाहिए. वह इस बात से नाराज बताए जाते हैं कि गबार्ड ने अपने अधीनस्थ का बचाव किया, जिससे ईरान पर उनके तर्क कमजोर पड़ते दिखे. 

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ट्रंप ने स्वीकार किया था तुलसी के साथ मतभेद

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने गबार्ड के साथ मतभेदों को स्वीकार किया, लेकिन उन्हें ज्यादा महत्व नहीं दिया. उन्होंने कहा, ‘मतलब, उनकी सोच मुझसे थोड़ी अलग है, लेकिन इससे कोई अयोग्य नहीं हो जाता. मैं इस बात पर बहुत सख्त हूं कि मैं नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों, क्योंकि अगर उनके पास होंगे तो वे तुरंत उनका इस्तेमाल करेंगे. मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर वह थोड़ी नरम हैं, लेकिन यह ठीक है.’

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अब तक किन-किन को हटा चुके हैं ट्रंप?

ट्रंप प्रशासन ने अब तक- होमलैंड सिक्योरिटी चीफ क्रिस्टी नोएम, अमेरिका के नेशनल डॉयरेक्टर जो केंट को भी हटाया है. वहीं गुरुवार को आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज को हटा दिया. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने उनसे जबरन इस्तीफा देने के लिए कहा. रैंडी के साथ दो और आर्मी जनरल को पद से हटाया गया है. अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप किसी भी तरह की मुरौव्वत देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं. आने वाले समय में अगर गबार्ड और पटेल को हटाया जाता है, तो यह फैसला हैरान नहीं करेगा. 

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By Anant narayan shukla

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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