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सीता रोड का नाम बदलकर रहमानी नगर करने का काम किया गया था
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कपिलदेव ने इस संबंध में एक तस्वीर साझा की है और सारी सच्चाई को उजागर किया
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तेज हवाओं ने लोहे की चादर को हटा दिया जिसपर कि रहमानी नगर लिखा था
Sita Road Pakistan : पाकिस्तान से रह रहकर कुछ न कुछ धार्मिक विवाद की खबरें मीडिया में नजर आ ही जाती है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ट्विटर यूजर ने बड़ा खुलासा किया है जो तेजी से वायरल हो चला है. ट्वीट करते हुए यूजर ने लिखा है कि भारत और पाक के विभाजन के बाद यहां के सीता रोड का नाम बदलकर रहमानी नगर करने का काम किया गया था. ट्विटर यूजर कपिलदेव ने इस संबंध में एक तस्वीर साझा की है और सारी सच्चाई को उजागर किया है.
दरअसल इस बात की सच्चाई तब सामने आई जब तेज हवाओं ने लोहे की चादर को हटा दिया जिसपर कि रहमानी नगर लिखा था और उसके नीचे की प्लेट पर सीता रोड लिखा नजर आने लगा. ट्विटर यूजर की मानें तो विभाजन के बाद पाकिस्तान के दादू जिले में एक छोटा सा स्टेशन सीता रोड के रूप में स्थापित करने का काम किया गया था. लेकिन कुछ धार्मिक कट्टरपंथी तत्वों ने इसका नाम बदलकर रहमानी नगर कर दिया गया और अब 22 मार्च को आए तेज तूफान ने लोहे की चादर को हटा दिया और मूल नाम को सामने ला दिया.
इस प्लेट को गौर से देखा जाए तो साफ नजर आ रहा है कि शुरू में ’सीता रोड’ को पत्थर की संरचना पर उकेरा गया था, जिसे बाद में एक धातु की चादर से ढकने का काम किया गया. इस पर रहमानी नगर को उर्दू में अंकित कर दिया गया. 22 मार्च को क्षेत्र में चल रही तेज हवाओं ने पत्थर की संरचना पर रखी लोहे की चादर पर असर दिखाया और इसके एक हिस्से को उखाड़ दिया. इसके बाद इसका मूल नाम सामने आ गया.
हालांकि बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में सीता रोड ही ऐसी सड़क नहीं है जिसका नाम बदलने का काम किया गया है. भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान ने कई ऐसी सड़कों, सड़कों, पारंपरिक स्थानों का नाम बदल दिया है जो कभी हिंदुओं और सिखों के नाम पर रखे गये थे. जैसे कराची में राम बाग को अराम बाग का नाम दे दिया गया. लाहौर में कृष्ण नगर का नाम बदलकर इस्लामपुर रखने का काम किया गया. कसूर के वान राधा राम का नाम बदलकर हबीबाबाद कर दिया गया…
Posted By : Amitabh Kumar
