Sheikh Hasina Exile: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना फिलहाल नई दिल्ली में निर्वासन (एक्सजाइल) की जिंदगी जी रही हैं. उन्होंने बांग्लादेश में हुए हालिया चुनावों को ‘फर्जी’ और ‘तमाशा’ करार दिया है. दूसरी ओर, तारिक रहमान और उनकी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) लगभग 20 साल बाद सत्ता में वापसी करने के लिए तैयार हैं. इससे पहले तारिक की मां खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं.
हसीना को वापस लाने की मांग
चुनावों के दौरान ही BNP और अन्य पार्टियों ने भारत से शेख हसीना को वापस भेजने की मांग शुरू कर दी थी. इसकी बड़ी वजह यह है कि जुलाई में हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के लिए एक ट्रिब्यूनल कोर्ट ने नवंबर 2025 में हसीना को मौत की सजा सुनाई है. अब जब तारिक रहमान की सरकार बनने जा रही है, तो उम्मीद है कि वे हसीना के प्रत्यर्पण (Extradition) की अपनी मांग पर और जोर देंगे.
दिल्ली से हसीना का संदेश- अंतरिम सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील
हसीना ने जनवरी 2026 में दिल्ली से एक बयान जारी कर सबको चौंका दिया था. उन्होंने बांग्लादेश के लोगों से मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के खिलाफ खड़े होने को कहा. हसीना के अनुसार, इस ‘विदेशी कठपुतली सरकार’ को हटाकर संविधान और लोकतंत्र को बचाना जरूरी है. हालांकि, वे ज्यादातर समय लोधी गार्डन जैसी जगहों पर ही देखी गई हैं और लाइमलाइट से दूर रही हैं.
क्या भारत उन्हें वापस भेजेगा?
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के अनुसार, मानवता के खिलाफ अपराधों के दोषी को शरण देना एक ‘अमैत्रीपूर्ण कार्य’ है और उन्होंने भारत से कानूनी तौर पर हसीना की वापसी की मांग की है. BNP के नेताओं का कहना है कि दोनों देशों के रिश्तों को ‘शेख हसीना से आगे’ बढ़कर देखना चाहिए. 2024 में हसीना के भागने के बाद से भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में जो खिंचाव आया था, वह अब BNP की सरकार आने पर एक नए मोड़ पर है.
एस जयशंकर और पीएम मोदी ने क्या कहा?
हसीना की वापसी पर भारत ने कहा है कि फैसला खुद पूर्व पीएम को करना है. हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2025 में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के अनुसार, हसीना ‘खास परिस्थितियों’ में भारत आई थीं और वह स्थिति उनके भविष्य को तय करने में बड़ा रोल निभाएगी.
वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तारिक रहमान को जीत की बधाई दी है. चुनाव आयोग के आधिकारिक नतीजों से पहले ही पीएम मोदी ने BNP की जीत को जनता का भरोसा बताया. उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के साथ काम करने को तैयार है.
तारिक रहमान और भारत के बीच बढ़ती नजदीकियां
खालिदा जिया के निधन के बाद जब एस जयशंकर ढाका गए थे, तभी से भारत ने तारिक रहमान से संपर्क साधना शुरू कर दिया था. खास बात यह है कि तारिक रहमान ने भी अपने चुनाव प्रचार के दौरान भारत के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया, जिससे भविष्य में बेहतर रिश्तों की उम्मीद जगी है.
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