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UNSC में बोले एस जयशंकर, अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए तत्काल नष्ट किये जाएं आतंकियों के पनाहगाह, बाधित की जाये आपूर्ति

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
एस जयशंकर, विदेश मंत्री
एस जयशंकर, विदेश मंत्री
सोशल मीडिया

संयुक्त राष्ट्र : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित किया. उन्होंने अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए आतंकवादियों के पनाहगाहों को तत्काल नष्ट किया जाना चाहिए और उनकी आपूर्ति शृंखला बाधित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में जीरो टॉलरेंस होने की जरूरत है, इनमें से एक सीमा पार भी शामिल है.

एस जयशंकर ने कहा कि अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए देश के भीतर और उसके चारों ओर शांति की आवश्यकता है. भारत वास्तविक राजनीतिक समाधान और अफगानिस्तान में व्यापक और स्थायी युद्धविराम की दिशा में किसी भी कदम का स्वागत करता है. साथ ही आतंकवादी संस्थाओं को सामग्री और वित्तीय सहायता प्रदान करनेवालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.

युद्धविराम और नागरिकों की सुरक्षा का आह्वान करते हुए हिंसा और लक्षित हमलों की निंदा करते हुए 'दोहरी शांति' की जरूरत पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जोर दिया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय खास तौर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद हिंसा में तुरंत कमी के लिए स्थायी संघर्षविराम और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के लिए दबाव डाले.

उन्होंने कहा कि शांति प्रक्रिया की सफलता के लिए यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि बातचीत करनेवाले दल पूरी तरह से अच्छी भावना के साथ शामिल हों और सैन्य समाधान खोजने का रास्ता निकालें, जिससे प्रतिबद्धता के साथ राजनीतिक समाधान तक पहुंचा जा सके.

जयशंकर ने अफगानिस्तान की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की एक सप्ताह पहले की रिपोर्ट का जिक करते हुए कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट है कि अफगानिस्तान में हिंसा में कमी नहीं आयी है. रिपोर्ट के मुताबिक, 12 फरवरी से 15 मई के बीच संयुक्त राष्ट्र ने 6827 सुरक्षा संबंधी घटनाएं दर्ज की हैं, जो पिछले साल के इस अवधि के मुकाबले 26.3 फीसदी ज्यादा है.

उन्होंने कहा कि बातचीत में तेजी लाने और शांति प्रक्रिया को सफल बनाने के प्रयासों का भारत समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि एक समावेशी, अफगान-नेतृत्व वाली, अफगान-स्वामित्व वाली और अफगान-नियंत्रित शांति प्रक्रिया के लिए भारत अपना समर्थन दोहराता है.

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