रूस और यूक्रेन सीजफायर पर तैयार, विक्ट्री डे सेलीब्रेशन पर नहीं होगा कोई हमला

Russia Ukraine Ceasefire: रूस और यूक्रेन एक सीमित समय के लिए सीजफायर के लिए तैयार हो गए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मॉस्को में विक्ट्री डे परेड पर कोई हमला न करने की गारंटी दी है.

Russia Ukraine Ceasefire: रूस ने विक्ट्री डे की 81वीं वर्षगांठ से पहले यूक्रेन में शुक्रवार और शनिवार के लिए एकतरफा युद्धविराम का ऐलान किया है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान मॉस्को में होने वाले समारोहों को निशाना बनाया गया, तो कीव पर कड़ा हमला किया जाएगा. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका देश भी बुधवार रात 12 बजे से युद्धविराम का पालन करने को तैयार है, लेकिन वह रूस की हर कार्रवाई का उसी तरह जवाब देगा. हालांकि, उन्होंने इस सीजफायर की कोई टाइम लिमिट नहीं तय की है. 

मॉस्को के रेड स्क्वायर में होने वाली विक्ट्री डे परेड की तैयारियां जारी हैं. हालांकि, इस बार सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम को सीमित रखा गया है. आशंका जताई जा रही है कि यूक्रेन ड्रोन हमलों के जरिए रूस के भीतर तक निशाना साध सकता है. रूस ने चेतावनी दी है कि यदि समारोहों में कोई व्यवधान पैदा हुआ, तो कीव के केंद्र पर ‘भारी मिसाइल हमला’ किया जाएगा. 

इसके साथ ही वहां मौजूद नागरिकों और विदेशी दूतावासों के कर्मचारियों को शहर छोड़ने तक की सलाह दी गई है. रूसी मीडिया के अनुसार, सुरक्षा चिंताओं के चलते मोबाइल कंपनियों द्वारा मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी पाबंदी लगाई जा सकती है.  

‘यूक्रेन की सहमति के बिना मॉस्को में परेड सुरक्षित नहीं’: जेलेंस्की

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेलेंस्की ने कहा कि रूसी अधिकारी 9 मई को रेड स्क्वायर के ऊपर ड्रोन मंडराने की संभावना से चिंतित हैं. जेलेंस्की ने यह भी कहा कि कीव को अब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है, लेकिन बुधवार की रात तक इसे लागू करना संभव है. 

उन्होंने क्रेमलिन से ‘युद्ध खत्म करने के लिए वास्तविक कदम’ उठाने की अपील की और कहा कि रूस की सेना खुद मानती है कि यूक्रेन की सहमति के बिना मॉस्को में परेड सुरक्षित नहीं हो सकती. जेलेंस्की ने कहा, ‘यह दिखाता है कि वे अब मजबूत नहीं हैं, इसलिए हमें उन पर प्रतिबंधों के जरिए दबाव बनाए रखना चाहिए.’

पहले भी हुए हैं सीजफायर के प्रयास

हाल के महीनों में इस तरह के युद्धविराम के प्रयास पहले भी हुए हैं, लेकिन उनका जमीन पर खास असर नहीं दिखा. उदाहरण के तौर पर ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के दौरान घोषित संघर्षविराम भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सका. इसी तरह, पिछले साल राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 7 मई से 72 घंटे का एकतरफा युद्धविराम घोषित किया था और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए राजधानी में इंटरनेट सेवाएं सीमित कर दी गई थीं.

विक्ट्री डे से जुड़ा है रूस का गौरव

विक्ट्री डे रूस के लिए सिर्फ एक सैन्य परेड नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और इतिहास से जुड़ा बेहद अहम दिन है. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1941-45 के ‘ग्रेट पैट्रियोटिक वॉर’ में सोवियत संघ ने करीब 2.7 करोड़ लोगों को खोया था. यही वजह है कि यह दिन रूस की सामूहिक स्मृति और देशभक्ति का प्रतीक बना हुआ है. 

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पुतिन ने विक्ट्री डे को बनाया शक्ति दिखाने का मंच

पिछले कुछ वर्षों में व्लादिमीर पुतिन ने इस दिन को अपनी राजनीतिक और सैन्य शक्ति दिखाने के मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया है. हालांकि, इस बार सुरक्षा खतरों के चलते परेड में भारी सैन्य उपकरण जैसे टैंक और मिसाइल शामिल नहीं किए जाएंगे और कई अन्य शहरों में कार्यक्रम सीमित या रद्द कर दिए गए हैं.

पिछले साल 80वीं वर्षगांठ के मौके पर मॉस्को में कई अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल हुए थे, जिनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको शामिल थे. रॉबर्ट फिको इस बार भी समारोह में भाग लेने वाले हैं.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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