रूस का पाकिस्तान को ऑफर; कहा- जितना तेल चाहिए मांगिए, हम देंगे बिना रुके सप्लाई

Russia Pakistan Oil Supply Offer: रूस ने पाकिस्तान को एक बड़ा ऑफर दिया है. रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने मंगलवार को इस्लामाबाद में कहा कि अगर पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर हमसे बात करता है, तो रूस उसे बिना किसी रुकावट के लगातार तेल की सप्लाई करने के लिए तैयार है.

Russia Pakistan Oil Supply Offer: यह ऑफर ऐसे समय में आया है जब मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. ‘पाकिस्तान टुडे’ के मुताबिक, राजदूत खोरेव ने साफ किया कि एनर्जी सेक्टर दोनों देशों के बीच सहयोग का सबसे बड़ा जरिया है, लेकिन अभी तक पाकिस्तान की ओर से तेल के लिए कोई ऑफिशियल रिक्वेस्ट नहीं आई है.

पाकिस्तान में महंगाई का कनेक्शन

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 20% तक बढ़ गई हैं. इसकी बड़ी वजह है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का बंद होना. ईरान ने अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में इस समुद्री रास्ते को ब्लॉक कर दिया है, जिससे दुनियाभर में तेल की सप्लाई चेन टूट गई है. रूसी राजदूत ने ईरान के मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है, जहां 170 बच्चों की मौत हो गई थी. उन्होंने अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई को खतरनाक बताते हुए सभी देशों से शांति की अपील की है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने केवल खाड़ी के पानी में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, न कि आम लोगों को.

अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को दी 30 दिन की छूट

एक तरफ पाकिस्तान को ऑफर मिल रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत दी है. अमेरिकी वित्त विभाग ने 6 मार्च 2026 को एक 30-दिन का ‘छूट’ (Waiver) जारी किया है. इसके तहत भारतीय रिफाइनरियां उस रूसी तेल को भारत ला सकती हैं जो पहले से ही समुद्र में जहाजों पर लोड हो चुका है. यह छूट 4 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी. अमेरिका का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि दुनिया में तेल की कमी न हो और मार्केट में स्टेबिलिटी बनी रहे. हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि यह केवल पुराने लोड हो चुके तेल के लिए है, नए सौदों के लिए नहीं.

भारत की अपनी पॉलिसी

भारत सरकार ने इस मामले में अपना रुख एकदम क्लियर रखा है. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भारत ने कभी किसी से तेल खरीदने की ‘परमिशन’ नहीं मांगी है, भारत का फैसला उसकी अपनी नेशनल एनर्जी पॉलिसी पर आधारित है. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को घेरते हुए कहा कि यह अमेरिका की दोहरी नीति है, पहले वो भारत को रूसी तेल खरीदने से रोकना चाहता था और अब खुद ही छूट दे रहा है. इस छूट के बाद रूस के तेल टैंकरों सहित करीब 30 जहाजों ने मार्केट में एंट्री की है.

ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में तैनात हैं 200+ यूक्रेन के मिलिट्री एक्सपर्ट, रूस का मोर्च छोड़कर यहां क्या कर रहे? जेलेंस्की ने बताया

संकट के बीच भारत पहुंचे दो बड़े LPG जहाज

मिडिल-ईस्ट के तनाव के बावजूद भारत के लिए अच्छी खबर आई है. 17 मार्च 2026 को भारतीय LPG टैंकर ‘नंदा देवी’ करीब 46,500 मीट्रिक टन गैस लेकर गुजरात के वडिनार पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया है. यह जहाज खतरनाक हो चुके ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पार करके आया है. इससे पहले ‘शिवालिक’ नाम का टैंकर भी करीब 45-46 हजार टन गैस लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका था. इन दोनों जहाजों के आने से भारत में रसोई गैस की कमी और सिलेंडर के संकट का डर अब खत्म हो गया है. यह दिखाता है कि युद्ध जैसे हालातों में भी भारत का सप्लाई मैनेजमेंट काफी मजबूत है.

रूस का यूराल क्रूड अब तक के सबसे महंगे स्तर पर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने वाले रूसी ‘यूराल क्रूड’ (कच्चे तेल) की कीमत शुक्रवार को 98.93 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. हैरानी की बात यह है कि 27 फरवरी के बाद से, यानी जब से अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए हैं, तब से इस तेल की कीमत में 70% यानी करीब 40 डॉलर का उछाल आया है. यह साल 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है.

डिस्काउंट हुआ कम

आर्गस डेटा के अनुसार, भारत को पहले रूसी तेल पर जो भारी डिस्काउंट मिलता था, वह अब घटकर केवल 4.80 प्रति बैरल डॉलर रह गया है. रूस के अपने बंदरगाहों पर तेल की कीमत 73.73 डॉलर है, लेकिन भारत तक पहुंचते-पहुंचते यह 98.93 डॉलर हो जाता है. बीच का यह 25 डॉलर का बड़ा अंतर बिचौलियों, शिपिंग नेटवर्क और ट्रेडिंग मार्जिन की जेब में जा रहा है. ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को 11 अप्रैल तक रूसी तेल खरीदने की मिली छूट ने भी मॉस्को की कमाई बढ़ा दी है, जिससे युद्ध के खर्चों के बीच रूस के सरकारी खजाने को बड़ी राहत मिली है.

ये भी पढ़ें: ट्रंप का दावा: ‘ईरान के ऊपर खुलेआम उड़ रहे हैं हम, अब उनके पास कुछ नहीं बचा’

ये भी पढ़ें: इजराइल की चेतावनी: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को खोजकर मारेंगे

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >