Punjab Police Reform Pakistan: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने पुलिस के काम करने के तरीके और उनके बिहेवियर (व्यवहार) को लेकर बड़े सुधारों का एलान किया है. रविवार को पुलिस सुधारों पर हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में उन्होंने साफ कर दिया कि अब जनता के साथ बदतमीजी या कड़ा लहजा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
‘ओये’ बोलने पर पाबंदी
मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने मीटिंग के दौरान कहा कि अक्सर देखा गया है कि पंजाब पुलिस सड़कों या पब्लिक जगहों पर लोगों को ‘ओये’ कहकर बुलाती है. उन्होंने निर्देश दिया कि अब से हर पुलिस स्टेशन, चेकपॉइंट और ऑफिस में नागरिकों को सम्मान के साथ ‘सर’, ‘मैडम’, ‘साहिब’ या ‘साहिबा’ कहकर ही संबोधित करना होगा.
पुलिस की ‘ग्रूमिंग’ और मेंटल ट्रेनिंग पर जोर
सीएम के अनुसार, पुलिस के डराने-धमकाने वाले व्यवहार की कई शिकायतें मिल रही थीं. उन्होंने आदेश दिया कि:
- पुलिसवालों को बातचीत करने का सही तरीका सिखाया जाए.
- उनकी मेंटल ग्रूमिंग (मानसिक ट्रेनिंग) की जाए ताकि वे जनता की गरिमा का ख्याल रखें.
- जो पुलिस अधिकारी सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उन्हें जनता से बातचीत करने की परमिशन (अनुमति) नहीं दी जाएगी.
बॉडी लैंग्वेज और कैमरों से होगी निगरानी
मरियम नवाज ने सिर्फ बोलने के तरीके पर ही नहीं, बल्कि पुलिस की बॉडी लैंग्वेज पर भी ध्यान देने को कहा है. उन्होंने कहा कि गश्त (पेट्रोलिंग) के दौरान पुलिसकर्मियों का व्यवहार शालीन होना चाहिए. इसके साथ ही, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अगले दो महीनों में पंजाब पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवानों को बॉडी कैमरे दिए जाएंगे. यह काम अलग-अलग फेज में पूरा किया जाएगा.
आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ समय से जनता में पुलिस के बर्ताव को लेकर काफी नाराजगी थी. लोग पुलिस के बात करने के तरीके से नाखुश थे. इसी असंतोष को देखते हुए सीएम ने यह फैसला लिया है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर किसी नागरिक ने पुलिस के व्यवहार की शिकायत की, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.
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