PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (19 मई) को आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के राष्ट्राध्यक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं. इन बैठकों में ट्रेड, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और सतत विकास (Sustainable Development) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई. ये बैठकें इंडिया-नॉर्डिक समित (India-Nordic Summit) से पहले आयोजित की गईं. प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रन फ्रॉस्टडॉटिर, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ भारत और नॉर्डिक देशों के बीच संबंधों पर विचार-विमर्श किया. इस समिट का मकसद भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना है
क्या हैं नॉर्डिक देश?
नॉर्डिक देश उत्तरी यूरोप और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक और सांस्कृतिक समूह हैं. इसमें डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन शामिल हैं. इन पांचों देशों की संयुक्त जीडीपी 1.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है. नॉर्डिक देश नवीकरणीय ऊर्जा, सतत समुद्री शासन और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश माने जाते हैं.
ओस्लो में हो रहा तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन
ओसलो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भाग ले रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, यह सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में हुए पूर्व शिखर सम्मेलनों की चर्चाओं को आगे बढ़ाएगा. सम्मेलन में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन , हरित परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक सहयोग जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा.
पांच देशों के दौरे पर हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के तहत सोमवार को स्वीडन से से नॉर्वे पहुंचे हैं. 15 से 20 मई तक चल रहे इस दौरे में वह संसुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा कर रहे हैं. नॉर्वे के बाद प्रधानमंत्री अपने दौरे के अंतिम चरण में इटली जाएंगे.
आइसलैंड में भारतीय संस्कृति को लेकर उत्साह
रेकजाविक स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत और आइसलैंड के बीच सांस्कृतिक संबंध काफी मजबूत हैं. आइसलैंड के लोग योग, भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, फिल्मों और भारतीय खान-पान में विशेष रुचि रखते हैं. वर्तमान में लगभग 600 भारतीय नागरिक आइसलैंड में रह रहे हैं.
फिनलैंड में भारतीय कारोबार और छात्रों की मजबूत मौजूदगी
हेलसिंकी स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत में फिनलैंड की 100 से अधिक कंपनियां सक्रिय हैं. नोकिया, कोने एलिवेटर्स, मेट्सो आउटोटेक, वार्सिला, यूपीएम, लिंडस्ट्रॉम, फोर्टम, अहल्स्ट्रॉम और एल्कोटेक जैसी बड़ी फिनिश कंपनियों के भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित किए हैं. फिनलैंड में भारतीय मूल के करीब 33,445 लोग रहते हैं, जिनमें 15,115 एनआरआई और 18,330 ओसीआई शामिल हैं. वहीं करीब 2,400 भारतीय छात्र फिनलैंड के विश्वविद्यालयों में हायर एजुकेशन हासिल कर रहे हैं.
