औकात में आया पाकिस्तान, शरीफ बोले- पहलगाम अटैक की जांच में होंगे शामिल

Pakistan PM: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक संबोधन के दौरान पहलगाम हमले की जांच में सहयोग करने की बात कही है. उनका कहना है कि भारत लगातार बिना सबूत के उन पर निशाना साधता आया है. इस सिलसिले का अब अंत होना चाहिए, जिसके लिए वह इस हमले की जांच के लिए पूरी तरह से भारत का सहयोग करेंगे.

Pakistan PM: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए गए हैं, जिसका असर अब पाकिस्तान पर होते दिख रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बयान देते हुए पहलगाम हमले की जांच में सहयोग करने की बात कही है.

शहबाज शरीफ ने आज खैबर पख्तूनख्वा के काकुल में एक परेड को संबोधित किया था. यह पाकिस्तान सैन्य अकादमी में सेना के कैडेटों की पासिंग-आउट परेड थी. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत द्वारा हम पर आरोप लगाना इस बात का उदाहरण है कि लगातार बिना सबूत के हमें निशाना बनाया जाता है. इस आरोप लगाने की नीति को अब पूरी तरह से खत्म करने की जरूरत है. इसलिए एक जिम्मेदार देश के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए पाकिस्तान किसी भी तरह की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है.

सहयोग की बात करते हुए चेतावनी देने की कोशिश

सहयोग कि बात करते हुए शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी देने की कोशिश की. उन्होने सिंधु नदी समझौते के बारे बात करते हुए कहा की ‘पाकिस्तान में आने वाले पानी को मोड़ने और कम करने की कोशिश करने वालों को जोरदार तरीके से जवाब दिया जाएगा’.

‘हमारे खिलाफ उठाए गए हर कदम का जवाब दिया जाएगा’- शहबाज शरीफ

शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए हर एक कदम का जवाब वह देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. कोई भी इस गलतफहमी में न रहे कि हम जवाब नहीं देंगे. हमारे देश में 240 मिलियन लोगों का घर है. हमारे सामने हमारी सुरक्षा के लिए बहादुर सशस्त्र बल हैं. यह संदेश सभी के लिए साफ हो जाना चाहिए. शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि भले ही शांति हमारे देश की प्राथमिकता है, लेकिन हम अपनी अखंडता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करने वाले हैं.

पाकिस्तान के नेता का सिंधु नदी को लेकर विवादित बयान

शहबाज शरीफ के बयान से पहले पाकिस्तान के एक नेता बिलावल भुट्टो ने सिंधु नदी के पास सखर में एक जनसंबोधन किया था. इस जनसंबोधन में उन्होंने सिंधु नदी का मुद्दा उठाया. भुट्टो ने कहा कि मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि सिंधु नदी हमारी है. इस पर हमारा हक है. इस नदी में यह तो अब पानी बहेगा या तो उन लोगों का खून जो इस नदी में हमारी हिस्सेदारी खत्म करना चाहते हैं.

सिंधु नदी समझौता किया है?

सिंधु जल संधि को इंडस वाटर ट्रीटी भी कहा जाता है. यह भारत और पाकिस्तान के बीच एक छह नदियों के जल के बंटवारे का समझौता है, जो कि 19 सितंबर 1960 को हुआ था. 1947 में आजादी मिलने के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों में ही पानी के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हो गया था. ये सभी नदियां सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, व्यास और सतलज भारत और पाकिस्तान में बहती हैं. पाकिस्तान का आरोप था कि भारत इन नदियों पर बांध बनाकर पानी का दोहन करता है, जिससे उसके इलाके में पानी कम आता है और वहां सूखा जैसी स्थिति बनी रहती है.

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Author: Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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