पाक की गीदड़भभकी: 'हमारी मिसाइलें सिर्फ भारत के लिए', पूरे इलाके को इंडिया से है खतरा

Pakistan Missile Threat: पाकिस्तान ने खुद के मिसाइल प्रोग्राम को सही बताते हुए भारत की 12,000 किमी रेंज वाली मिसाइलों पर सवाल उठाए हैं. अमेरिकी खुफिया चीफ तुलसी गबार्ड की डरावनी रिपोर्ट के बाद इस्लामाबाद और नई दिल्ली में जुबानी जंग तेज हो गई है.

Pakistan Missile Threat: अमेरिकी खुफिया विभाग की चीफ तुलसी गबार्ड ने बुधवार को सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सामने एक बड़ी रिपोर्ट पेश की है. गबार्ड के अनुसार, साल 2035 तक अमेरिका पर मिसाइल हमलों का खतरा 3,000 से बढ़कर 16,000 मिसाइलों तक पहुंच सकता है. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) बना रहा है, जो सीधे अमेरिका तक वार कर सकती हैं. इस लिस्ट में पाकिस्तान के साथ चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान का नाम भी शामिल है. गबार्ड ने चेतावनी दी कि उत्तर कोरिया की मिसाइलें पहले ही अमेरिकी जमीन तक पहुंचने की ताकत रखती हैं.

हालांकि, भारत की ओर से ऐसी किसी 12,000 किमी रेंज वाली मिसाइल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. भारत की सबसे ताकतवर मिसाइल ‘अग्नि-5’ (Agni-V) है, जिसकी आधिकारिक रेंज 5,500 से 5,800 किलोमीटर तक है. डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि वजन कम करके इसकी तकनीकी क्षमता 7,000 किमी तक बढ़ाई जा सकती है, लेकिन 12,000 किमी की मिसाइल जैसा कोई भी टेस्ट अब तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है.

पाकिस्तान की सफाई: ‘हमारा निशाना सिर्फ भारत’

अमेरिकी आरोपों पर पाकिस्तान भड़क गया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि उनकी मिसाइलें सिर्फ अपनी रक्षा और भारत के खिलाफ ‘मिनिमम डिटरेंस’ के लिए हैं. पाकिस्तान ने उल्टा भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत 12,000 किलोमीटर से ज्यादा रेंज वाली मिसाइलें बना रहा है, जो पूरे इलाके की शांति के लिए खतरा है. पाकिस्तान का दावा है कि उसकी मिसाइलें इंटरकॉन्टिनेंटल (ICBM) रेंज से काफी कम हैं.

भारत का पलटवार 

पाकिस्तान के बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास ‘क्लैंडस्टाइन’ (चोरी-छिपे) परमाणु प्रसार का रहा है. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने साफ किया कि पाकिस्तान की गुपचुप परमाणु एक्टिविटीज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा हैं और उनके हालिया बयान इसी खतरे को और साफ कर देते हैं.  

2026 की थ्रेट रिपोर्ट में और क्या है?

तुलसी गबार्ड ने अपनी ‘2026 एनुअल थ्रेट असेसमेंट’ रिपोर्ट में बताया कि अल-कायदा और ISIS जैसे आतंकी संगठन अभी भी अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और साउथ एशिया में एक्टिव हैं, जो अमेरिका के लिए बड़ा सिरदर्द हैं. वहीं, पूर्व CIA ऑफिसर रिचर्ड बार्लो ने 2025 में कहा था कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का मकसद सिर्फ भारत नहीं था, बल्कि ए.क्यू. खान जैसे लोगों के जरिए इसे दूसरे देशों तक फैलाने की भी कोशिश थी.

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रिश्तों में तल्खी और पाकिस्तान की अपील

इतने गंभीर आरोपों के बाद पाकिस्तान अब अमेरिका से ‘मैच्योर्ड अप्रोच’ रखने की अपील कर रहा है. पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी ने भी दोहराया कि उनका प्रोग्राम किसी ग्लोबल पावर बनने के लिए नहीं है. हालांकि, अमेरिकी इंटेलिजेंस का मानना है कि उत्तर कोरिया की मिसाइलें पहले से ही अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम हैं और अब पाकिस्तान भी उसी रास्ते पर है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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