NASA Research Plane Belly Landing: नासा के एक रिसर्च विमान को मंगलवार देर सुबह ह्यूस्टन के एलिंगटन एयरपोर्ट पर बिना पहिए खोले इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. इसे बेली लैंडिंग कहा जाता है. नासा ने बताया कि विमान में तकनीकी खराबी आ गई थी, इस वजह से ऐसा करना पड़ा. यह एक खतरनाक स्थिति थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लैंडिंग के दौरान प्लेन में आग लगी हुई दिख रही है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिखा कि विमान बिना लैंडिंग गियर के रनवे पर उतरा और कुछ दूर तक फिसलने के बाद रुक गया.
ह्यूस्टन एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि यह घटना स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे हुई. विमान एलिंगटन एयरपोर्ट के रनवे 17R–35L पर उतर रहा था. इमरजेंसी संभालने का काम एक सैन्य सब-कॉन्ट्रैक्टर से जुड़े फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स ने किया. रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट को इमरजेंसी टीम की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
वीडियो में दिखता है कि विमान धीरे-धीरे नीचे आता है और रनवे पर उतरते ही हल्का झटका लगता है. लैंड करते समय उसके पंख ऊपर-नीचे हिलते नजर आते हैं. उसी वक्त नीचे की तरफ से पीली आग और सफेद धुआं निकलता दिखाई देता है. विमान रनवे पर फिसलता हुआ आगे बढ़ता रहता है.
बीच-बीच में छोटी-छोटी लपटें दिखती हैं, जो तुरंत धुएं में गायब हो जाती हैं. वीडियो खत्म होने तक विमान की रफ्तार कम होती नजर आती है. हालांकि आग तुरंत बुझ गई और स्थिति जल्दी काबू में आ गई.
स्थानीय चैनल KHOU 11 की फुटेज में बाद में विमान रुका हुआ दिखाई देता है. कॉकपिट का दरवाजा खुला है. पास में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लाइटें जलाकर खड़ी हैं और इमरजेंसी टीमें विमान के अगले काले हिस्से के आसपास काम करती दिखती हैं.
नासा ने बाद में पुष्टि की कि उसके WB-57 रिसर्च विमान में आई खराबी की वजह से यह ‘गियर-अप लैंडिंग’ करनी पड़ी. एजेंसी ने साफ किया कि विमान में मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है. घटना के बाद रनवे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, ताकि विमान को हटाने का काम किया जा सके. नासा ने कहा है कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और आगे की जानकारी मिलने पर अपडेट दिया जाएगा.
NASA WB-57 विमान क्या है?
पतली बॉडी वाला यह खास विमान NASA का WB-57 है. नासा के अनुसार, WB-57 एक खास रिसर्च विमान है. इसमें दो लोग बैठ सकते हैं. यह विमान बहुत ज्यादा ऊँचाई 63,000 फीट से भी ऊपर उड़ सकता है. यह एक बार में करीब साढ़े 6 घंटे तक हवा में रह सकता है. इसका इस्तेमाल वैज्ञानिक रिसर्च और मौसम-वायुमंडल से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है.
यह विमान नासा का WB-57 है, जो जॉनसन स्पेस सेंटर के पास एलिंगटन फील्ड से उड़ान भरता है. नासा ऐसे तीन विमान अपने हाई एल्टीट्यूड रिसर्च प्रोग्राम के तहत चलाता है. नासा के मुताबिक, यह विमान 1970 के दशक से रिसर्च मिशनों में काम कर रहा है और आज भी वैज्ञानिकों के लिए काफी अहम है. सीधे शब्दों में कहें तो, यह विमान आसमान की बहुत ऊँचाई से डेटा इकट्ठा करने और वैज्ञानिक प्रयोग करने के काम आता है.
इस विमान की बड़ी खास बातें
करीब 6.5 घंटे तक लगातार उड़ान
लगभग 2,500 नॉटिकल मील तक की दूरी तय करने की क्षमता
करीब 8,800 पाउंड तक उपकरण और मशीनें साथ ले जा सकता है
अधिकतम रफ्तार करीब 410 नॉट्स
अमेरिका में बर्फीला तूफान मचा रहा कहर
दो दिन पहले माइने राज्य में एक निजी विमान टेकऑफ के बाद गिर गया था. दरअसल, अमेरिका इन दिनों समुद्री तूफान की चपेट में है. देश के आधे हिस्से (उत्तर और पूर्व) में इमरजेंसी जैसे हालात हैं. 12,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल की गई हैं. इसकी वजह से अब तक 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सरकार लोगों की सुरक्षा के लिए लगातार संदेश भेज रही है. लोगों से एहतियात बरतने की भी अपील की जा रही है.
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