Middle East War: अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों के बीच ईरान ने गंभीर चेतावनी दी है. ईरान के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने कहा कि दुनियाभर के पार्क, मनोरंजन स्थल और पर्यटन स्थल अब तेहरान के दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे. उनका यह बयान अमेरिकी और इजराइली हमलों के बीच आया है, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर चिंता बढ़ गई है. इससे पहले ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अपने एक बयान में कहा था कि ईरान के दुश्मनों को मिट्टी में मिलाना जरूरी है. शेखरची ने शुक्रवार को कहा कि अब से उनके पास मौजूद जानकारी के आधार पर दुनिया में कहीं भी पार्क, मनोरंजन स्थल या पर्यटन स्थल तेहरान के दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं होंगे.
ईरानी सरकारी टेलीविजन के बयान के अनुसार, यह चेतावनी अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों के लगातार प्रभाव के कारण दी गई है. जाहिर है जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ेगा, ईरान अपनी रणनीति के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने के लिए और भी जोखिम भरे कदम उठा सकता है.
ऊर्जा ठिकानों पर ईरान का हमला जारी
ईरान खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा ठिकानों पर भी लगातार हमले कर रहा है. मिडिल ईस्ट का यह युद्ध तीन हफ्तों से जारी है. इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी महसूस किया जा रहा है. कुवैत ने बताया कि उसकी मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर सिलसिलेवार ढंग से दो बार ड्रोन हमले हुए, जिससे रिफाइनरी में आग लग गई. इससे पहले गुरुवार (19 मार्च) को ही रिफाइनरी ईरानी हमले में पहले से ही क्षतिग्रस्त हो चुकी थी.
विश्व बाजार में उथल-पुथल
ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्रों की अन्य ऊर्जा ठिकानों पर किए जा रहे हमलों के कारण न केवल क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, बल्कि वैश्विक तेल और गैस बाजारों में भी भारी उथल-पुथल मची हुई है. वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर गंभीर चिंताएं पैदा कर रहा है. कच्चे तेल की कीमत 119 रुपये प्रति बैरल पहुंच गई है.
Also Read: खाड़ी देशों के गैस ठिकानों पर हमले, मिडिल ईस्ट संघर्ष ने बढ़ाई पूरी दुनिया की चिंता
