‘ये सब बेवकूफी भरी बातें हैं’...परमाणु हथियार छोड़ने पर किम जोंग की बहन का दो टूक जवाब, कहा-ये हमारी सुरक्षा की गारंटी

North Korea rejects nuclear disarmament : उत्तर कोरिया ने एक बार फिर परमाणु हथियार छोड़ने से इनकार किया है. किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने परमाणु निरस्त्रीकरण की कोशिशों को खारिज करते हुए कहा कि देश की परमाणु ताकत उसकी सुरक्षा का जरूरी हिस्सा है.

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह अपने परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए तैयार नहीं है. किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी (IAEA) की ओर से उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की अपील को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु शक्ति की स्थिति अब ऐसी है, जिसे बदला नहीं जा सकता.

वियना में IAEA की बैठक, किम यो-जोंग का कड़ा जवाब

  • वियना में आईएईए का 70वां जनरल कॉन्फ्रेंस चल रहा है. बैठक में उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई गई और उससे परमाणु हथियारों का कार्यक्रम पूरी तरह, सत्यापन योग्य और स्थायी तरीके से खत्म करने की अपील की गई.
  • इसके जवाब में किम यो-जोंग ने कहा कि उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार छोड़ने के लिए कहने वाली ऐसी बैठकों का कोई असर नहीं होगा.
  • उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी के जरिए जारी बयान में उन्होंने परमाणु निरस्त्रीकरण की कोशिशों को पुरानी और ‘बेवकूफी भरी बातें’ बताया.
  • उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु शक्ति की स्थिति ‘पूर्ण’ है और इसे किसी भी तरह बदला नहीं जा सकता.

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डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत

  • अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत का सबसे अहम दौर 2018 और 2019 में देखने को मिला था.
  • जून 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन की पहली शिखर बैठक सिंगापुर में हुई. दोनों नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई थी.
  • इसके बाद फरवरी 2019 में दोनों नेता वियतनाम के हनोई में मिले. लेकिन परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर समझौता नहीं हो सका. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ.
  • जून 2019 में ट्रंप और किम की तीसरी मुलाकात कोरियाई असैन्यीकृत क्षेत्र यानी डीएमजेड पर हुई. ट्रंप ने इस दौरान उत्तर कोरिया की जमीन पर कदम रखा. दोनों नेताओं ने कामकाजी स्तर की बातचीत फिर शुरू करने पर सहमति जताई, लेकिन परमाणु मुद्दे पर उस मुलाकात में कोई विस्तृत बातचीत नहीं हुई.

उत्तर कोरिया के पास कितने हैं परमाणु हथियार ?

  • इस सवाल का कोई पक्का जवाब नहीं है. उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों की पूरी संख्या नहीं बताता. इसलिए अलग-अलग संस्थानों और सरकार के अनुमान अलग हैं.
  • स्वीडन के शोध संस्थान एसआईपीआरआई के 2026 के आकलन के मुताबिक उत्तर कोरिया ने करीब 60 परमाणु हथियार तैयार किए हैं. संस्थान का कहना है कि उसके पास कम से कम 30 और हथियार बनाने के लिए पर्याप्त विखंडनीय सामग्री और हो सकती है.
  • अगस्त 2026 में ट्रंप ने उत्तर कोरिया के पास 57 परमाणु हथियार होने का दावा किया था. हालांकि उन्होंने इस आंकड़े का स्रोत सार्वजनिक नहीं किया. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ने अलग अनुमान देते हुए उत्तर कोरिया के पास 80 से 120 परमाणु हथियार होने की बात कही थी.

ट्रंप और किम से बातचीत करना चाहते हैं?

दिलचस्प बात यह है कि उत्तर कोरिया का यह सख्त बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने किम जोंग उन से इस साल फिर मुलाकात की इच्छा जताई है. अगस्त में ट्रंप ने कहा था कि वह किम से इस साल मिल सकते हैं. दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात 2019 में हुई थी. ऐसे में आने वाले समय में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या अमेरिका और उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बातचीत की मेज पर वापस आते हैं.

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By गौतम कुमार

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