Mojtaba Khamenei: IDF प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमें अभी मुजतबा खामेनेई की लोकेशन नहीं पता है. वह न सुनाई दे रहे हैं और न ही दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वह बचेंगे नहीं. इजराइल उन्हें ट्रैक करेगा, खोजेगा और फिर उन्हें न्यूट्रलाइज (खत्म) कर देगा. इजराइल का कहना है कि जो भी उनके देश के खिलाफ हाथ उठाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
बड़े ईरानी अफसरों की मौत से ईरान को झटका
इजराइल ने दावा किया है कि उसने एक रात पहले किए गए हमले में ईरान के टॉप सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर जनरल गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराया है. ईरानी मीडिया ने भी इन दोनों की मौत की पुष्टि कर दी है. लारीजानी को ईरान का बेहद ताकतवर शख्स माना जाता था, जो पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे थे.
कौन थे लारीजानी और सुलेमानी?
अली लारीजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव थे और उन्हें मौजूदा शासन का सबसे खास आदमी माना जाता था. वहीं, गुलामरेजा सुलेमानी बासिज फोर्स के चीफ थे. यह फोर्स ईरान में विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए जानी जाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों और इस साल जनवरी में हुए दंगों को दबाने में इन दोनों का बड़ा हाथ था.
3 हफ्ते पहले मारे गए थे अयातुल्ला खामेनेई
द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, ईरान के लंबे समय तक नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत करीब तीन हफ्ते पहले 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों में हुई थी. इसके बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई ने सत्ता संभाली, लेकिन वह तब से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने लारीजानी को ‘गैंगस्टरों के गिरोह का बॉस’ बताया है.
होर्मुज की खाड़ी में तनाव
जंग का असर अब समुद्री व्यापार पर भी दिख रहा है. ईरान ने होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) को लगभग बंद कर दिया है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर नाटो देशों और सहयोगियों पर गुस्सा जाहिर किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अब किसी की मदद की जरूरत नहीं है और वह अकेले ही इस स्थिति को संभालने में सक्षम है.
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लेबनान में भी भारी तबाही
ईरान के साथ-साथ इजराइल लेबनान में भी हिजबुल्लाह पर हमले कर रहा है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक 886 लोग मारे जा चुके हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं. हालात इतने खराब हैं कि लोग अपनी कारों में सोने को मजबूर हैं क्योंकि शेल्टर होम में जगह नहीं बची है.
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