धरती के नक्शे से उसका नामोनिशान मिटा देंगे, अगर... अब ट्रंप ने ईरान को क्यों धमकाया?

Iran obliterated trump: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत भी जारी है और एक दूसरे को दी जाने वाली धमकियां भी. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी जहाज पर किसी भी हमले पर ईरान को धरती से मिटाने की धमकी दी है.

Iran obliterated trump: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कड़ा बयान दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाजों की सुरक्षा कर रहे अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है, तो ‘धरती के नक्शे से उसका नामोनिशान मिटा दिया जाएगा.’ एक इंटरव्यू में ट्रंप का यह बयान  ऐसे समय आया है जब ईरान पर आरोप है कि उसने कुछ जहाजों को निशाना बनाया, जिन्हें अमेरिकी केंद्रीय कमान द्वारा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजारा जा रहा था.

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दावा किया कि इन हमलों में एक दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज भी शामिल था. उन्होंने कहा कि ईरान ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत जहाजों की आवाजाही से जुड़े अन्य देशों को भी निशाना बनाया है. अमेरिकी सेना ने भी कार्रवाई करते हुए सात छोटी नौकाओं को निशाना बनाने की बात कही है. ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से इस मिशन में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब उसके लिए सक्रिय भूमिका निभाने का समय है.

ट्रंप ने यूएस की सैन्य ताकत का किया जिक्र

ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका के पास अत्याधुनिक हथियार और पर्याप्त सैन्य संसाधन मौजूद हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पहले से कहीं अधिक उन्नत हथियार और गोला-बारूद हैं. हमारे सैन्य अड्डे पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और वे सभी जरूरी साजो-सामान से लैस हैं. जरूरत पड़ने पर हम इनका इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे.’

होर्मुज बंद होने से दुनिया में बढ़ा संकट

होर्मुज स्ट्रेट  28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से प्रभावी रूप से बंद है. यहां से दुनिया के तेल और गैस के साथ साथ कई अहम कमोडिटीज का आवागमन होता था. इस स्थान से पूरे विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का यातायात होता था. इसकी वजह से भारत समेत पूरी दुनिया में तेल और गैस का संकट पैदा हो गया है. तेल की कमी हुई और कीमतें भी बढ़ीं. 28 फरवरी से पहले जो क्रूड ऑयल 73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह युद्ध शुरू होने के बाद 100 डॉलर के पार बना हुआ है. 

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ट्रंप ने शिपिंग कंपनियों को भी दी है चेतावनी

ईरान और अमेरिका- दोनों ने 8 अप्रैल से इस युद्ध को सीमित करते हुए सीजफायर जरूर कर लिया है, लेकिन इस होर्मुज के इस संकरे समुद्री रास्ते पर नाकेबंदी बरकरार रखी है. इसकी वजह से अब भी दुनिया में तेल और गैस संकट जारी है. ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना चाहता है, यह अमेरिका को स्वीकार नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शिपिंग कंपनियों को भी चेतावनी दी है कि अगर जहाजों ने स्ट्रेट से गुजरने के लिए ईरान को किसी भी तरह का भुगतान किया, तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा.

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By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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