अब हमारे निशाने पर दुनिया भर के पार्क, पर्यटन और मनोरंजन स्थल… युद्ध के बीच ईरान की डरावनी चेतावनी

Iran War Tourist Destination Target: ईरान ने युद्ध का दायरा बढ़ाते हुए अब दुनिया भर के टूरिस्ट डेस्टिनेशन को अपने निशाने पर लिया है. उसने कहा है कि ये स्थान अब उसके दुश्मनों के लिए सेफ नहीं है. 28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध अब तीसरे सप्ताह में है.

Iran War Tourist Destination Target: ईरान ने अपने खिलाफ 28 फरवरी से छेड़े गए युद्ध का दायरा बढ़ाने की धमकी दी है. उसने कहा है कि अब वह दुनिया भर के पर्यटन और मनोरंजन स्थलों को भी निशाना बनाएगा. अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेकरची ने चेतावनी दी कि ‘दुनिया भर के पार्क, मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटन स्थल’ ईरान के दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे. इस धमकी के बाद चिंता बढ़ गई है कि ईरान मिडिल ईस्ट से बाहर भी असममित हमलों का सहारा ले सकता है, ताकि अपने विरोधियों पर दबाव बनाया जा सके.

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते इजरायल द्वारा ईरान के विशाल साउथ पार्स (South Pars) अपतटीय प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर बमबारी के बाद, ईरान ने खाड़ी अरब देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार सुबह ईरानी ड्रोन की दो लहरों ने कुवैत की मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर हमला किया, जिससे वहां आग लग गई. मीना अल-अहमदी रिफाइनरी रोजाना करीब 7,30,000 बैरल तेल प्रोसेस कर सकती है. यह मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है.

जनरल अबोलफजल शेकरची ने कहा, ‘हम संयुक्त अरब अमीरात को चेतावनी देते हैं कि यदि उस देश की ओर से ईरानी द्वीपों पर फिर से अतिक्रमण हुआ, तो ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं रास अल-खैमाह पर करारा प्रहार करेंगी.‘ ये द्वीप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित हैं, जो एक अहम समुद्री मार्ग है और जहां से दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और गैस गुजरता है.

इस महीने की शुरुआत में, यूएई ने दावा किया था कि उसने एक ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया, जिसका मलबा रास अल-खैमाह के अल-हमरा इलाके में गिरा था. इसके अलावा, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात को भी सख्त चेतावनी दी है. ईरान ने कहा कि अगर यूएई की जमीन से ईरानी खाड़ी द्वीपों पर दोबारा हमला हुआ, तो वह रास अल-खैमाह को निशाना बनाएगा.

यूएई बना है ईरान का पसंदीदा निशाना

ईरान ने यूएई के कई टूरिस्ट स्पॉट वाले इलाकों को इस पूरे युद्ध के दौरान निशाना बनाया है. उसने पाम जुमैरा के होटल- फेयरमोंट द पाम को निशाना बनाया है. इसके अलावा उसने बुर्ज अल अरब और दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. 28 फरवरी से अब तक ईरान ने यूएई के सिविल, ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिट्री टारगेट को निशाना बनाते हुए 1600 से अधिक ड्रोन, लगभग 300 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और करीब 15 क्रूज मिसाइलों से भी हमला किया है. हालांकि, यूएई के इंटरसेप्टर्स ने इनमें से ज्याादातर को ध्वस्त कर दिया और ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है.

ईरान ने यूएई के अलावा, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतर और अन्य देशों के एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया. साथ ही ईरान ने इन देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी काफी हमले किए हैं. ईरान का मानना है कि इन्हीं जगहों से उसके खिलाफ हमले किए जा रहे हैं. वहीं, मिडिल ईस्ट के इन देशों ने ईरान से अटैक न करने की अपील की है, जबकि ईरान ने इन देशों से अमेरिका और अन्य देशों की मिलिट्री प्रेजेंस हटाने के लिए कहा है.

मिसाइल क्षमता अब भी बरकरार

वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता अब समाप्त हो गई है. ईरान ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि उसकी मिसाइल प्रोडक्शन क्षमता अब भी बरकरार है. उसके हथियार भंडार अब भी बरकरार हैं.

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद देश मिसाइलों का उत्पादन जारी रखे हुए है. जनरल अली मोहम्मद नेनी ने सरकारी अखबार ईरान न्यूजपेपर में प्रकाशित बयान में नेतन्याहू के दावे को खारिज किया. उन्होंने कहा कि देश का मिसाइल कार्यक्रम अब भी मजबूत बना हुआ है.

ईरान की शैक्षणिक ग्रेडिंग प्रणाली का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे मिसाइल उद्योग का स्कोर 20 है (यानी सर्वोच्च स्तर), और इस मामले में कोई चिंता नहीं है, क्योंकि हम युद्ध की स्थिति में भी मिसाइलों का उत्पादन कर रहे हैं, जो कि अद्भुत है. भंडारण (स्टॉकपाइल) को लेकर भी कोई खास समस्या नहीं है.’

ईरान की अधिकतर लीडरशिप समाप्त

ईरान को इस युद्ध में अब तक भारी नुकसान उठाना पड़ा है. उसके लगभग सभी शीर्ष नेतृत्व की मौत हो चुकी है. नव नियुक्त सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं दिखे हैं. हालांकि, मोजैक स्ट्रेटजी के तहत वह अब भी अमेरिका और इजरायल का जमकर मुकाबला कर रहा है. विशेषकर, होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी करके उसने वैश्विक तेल और गैस व्यवस्था को पूरी तरह डिसरप्ट कर दिया है. तेल और गैस की किल्लत और दाम दोनों ही भाग रहे हैं.

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ईरानी तेल को मिली बाजार में बेचने की अनुमति

इस बीच, ईरान ने यह भी कहा है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध नहीं है. यह बयान अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के उस बयान के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि वॉशिंगटन समुद्र में ईरानी तेल पर लगी पाबंदियों में ढील दे सकता है.

अल जजीरा के मुताबिक, ईरान के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता सामन घोडोस ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘इस समय ईरान के पास न तो पानी में (स्टोरेज में) अतिरिक्त कच्चा तेल है और न ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सप्लाई के लिए कोई अतिरिक्त भंडार है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी का बयान सिर्फ खरीदारों को उम्मीद देने के लिए है.’

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