Mojtaba Khamenei: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने शुक्रवार को दावा किया कि ईरान ने युद्ध के दौरान अपने दुश्मनों (अमेरिका और इजरायल) को करारी शिकस्त दी है. फारसी नए साल ‘नौरोज’ के मौके पर जारी एक लिखित संदेश में खामेनेई ने कहा कि ईरानियों की एकता और हिम्मत ने खेल पलट दिया है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग सोच और धर्म के होने के बावजूद ईरानी लोग एक साथ खड़े हुए, जिससे दुश्मन हार गया. खामेनेई के मुताबिक, ईरान ने दुश्मन को ऐसा ‘चकरा देने वाला वार’ दिया है कि अब वे (दुश्मन) पागलों जैसी और उल्टी-सीधी बातें करने लगे हैं.
तेहरान पर यरूशलेम की पवित्र जगहों पर हमला करने का आरोप लगाया
इजरायल ने तेहरान पर यरूशलेम की पवित्र जगहों पर हमला करने का आरोप लगाया है. अल-अक्सा मस्जिद, वेस्टर्न वॉल और चर्च ऑफ द होली सेपुलचर से कुछ ही दूरी पर एक धमाका हुआ था, जिससे वहां बड़ा गड्ढा बन गया. वहीं, खामेनेई ने ओमान और तुर्की में हुए हमलों में ईरान या उसके साथियों का हाथ होने से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने इसके लिए इजरायल (यहूदी दुश्मन) की साजिश को जिम्मेदार ठहराया. खामेनेई ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ हमारे हित और धर्म जुड़े हैं और हम सब मिलकर ‘वैश्विक ताकतों’ के खिलाफ खड़े हैं.
पिता की मौत के बाद पहली बार संदेश
28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन एक हवाई हमले में पूर्व लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को कमान सौंपी गई. खास बात यह है कि जिम्मेदारी संभालने के बाद से मुजतबा अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं.
उनकी गैरमौजूदगी पर अमेरिका और इजरायल के अधिकारी कयास लगा रहे हैं कि शायद वे घायल हैं. यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि हमें नहीं पता कि वह जिंदा हैं या नहीं. हालांकि, शुक्रवार को ईरान ने एक वीडियो जारी किया जिसमें मुजतबा छात्रों को धार्मिक शिक्षा देते नजर आ रहे हैं.
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जंग में अब तक कितनी तबाही?
एपी की रिपोर्ट और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, करीब चार हफ्तों से चल रही इस जंग में भारी नुकसान हुआ है. ईरान में अब तक 1,300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. लेबनान में इज़राइली हमलों की वजह से 1,000 से अधिक लोगों की जान गई है और 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.
वहीं, ईरान के मिसाइल हमलों में इजरायल के कम से कम 15 लोग मारे गए हैं, जबकि अमेरिका ने अपने 13 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है. इस तनाव के बीच ईरान के शहरों और मस्जिदों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
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