Iran FM Abbas Araghchi: उन्होंने तेहरान के सिविलियन और डिफेंस ठिकानों पर हुए हमलों को क्षेत्र में अस्थिरता की असली वजह बताया. प्रेस टीवी के मुताबिक, अराघची ने कहा कि खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में जो भी तनाव है, उसके लिए बाहरी हमले जिम्मेदार हैं. ईरान अपनी सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कदम उठा रहा है ताकि कोई इस रास्ते का गलत इस्तेमाल न कर सके.
IRGC का इजरायल पर बड़ा हमला
एक तरफ डिप्लोमेटिक बातें चल रही हैं, तो दूसरी तरफ मैदान में जंग तेज है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल के खुफिया ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने बताया कि उन्होंने खैबर शिकन, इमाद और सज्जील जैसी पावरफुल मिसाइलों के साथ आत्मघाती (Kamikaze) ड्रोन का इस्तेमाल किया. इन मिसाइलों ने इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए तेल अवीव, रामत गन और नेगेव के मिलिट्री सेंटर्स को निशाना बनाया. इसके अलावा बीरशेबा में इजरायल के लॉजिस्टिक और कमांड मुख्यालय पर भी सीधे प्रहार किए गए.
ट्रंप का बड़ा दावा: जल्द होगी बड़ी डील
इन हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है. ट्रंप ने दावा किया कि उनकी बातचीत ईरान के ‘सही लोगों’ से चल रही है और वहां शासन बदल चुका है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने उन्हें तेल और गैस से जुड़ा एक बड़ा ‘तोहफा’ दिया है, जिसकी कीमत बहुत ज्यादा है. उन्होंने कहा कि ईरान की पुरानी लीडरशिप और खामेनेई अब सीन से बाहर हैं और जो नए लोग आए हैं, उनके साथ डील करना आसान है. ट्रंप ने होमलैंड सिक्योरिटी के कार्यक्रम में यह भी कहा कि ईरान की नेवी और एयरफोर्स पूरी तरह खत्म हो चुकी है और अब उनके पास बातचीत के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.
इंटरनेशनल कानून पर आरघची का गुस्सा
ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया (एक्स) पर पश्चिमी देशों के ‘दोहरे रवैये’ पर जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने कहा कि यूक्रेन और गाजा के लिए अलग-अलग नियम अपनाकर अंतरराष्ट्रीय कानून को खत्म कर दिया गया है. हालांकि, उन्होंने जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टाइनमीयर की तारीफ की, जिन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, स्टीनमीयर ने इन हमलों की खुलेआम निंदा की है.
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रूस ने जताई परमाणु खतरे की चिंता
23 मार्च को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अब्बास आरघची के बीच भी लंबी बात हुई. रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि लावरोव ने बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हो रहे हमलों पर कड़ी आपत्ति जताई है. रूस का कहना है कि अगर न्यूक्लियर ठिकानों को नुकसान पहुंचा, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए पर्यावरण की बड़ी तबाही साबित होगा. फिलहाल वेस्ट एशिया में शांति की उम्मीद कम ही नजर आ रही है.
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