ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री मोर्चे पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान ने दावा किया है कि उसने 9 सितंबर को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास दो अमेरिकी जहाजों, 8 तेल टैंकरों समेत 20 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया. द स्टेट्समैन के मुताबिक, इसी के साथ ईरान ने समुद्री प्रतिबंधित क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर खाड़ी से आगे ओमान की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों तक कर दिया. घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई.
होर्मुज में ईरान की सख्ती, जहाजों को चेतावनी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उसके हमलों का निशाना वे जहाज बने, जो उसके निर्देशों का पालन किए बिना क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इनमें दो अमेरिकी जहाज, आठ तेल टैंकर और 10 अन्य “गैर-अनुपालन करने वाले” जहाज शामिल हैं. ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन संगठन ने भी खाड़ी और ओमान की खाड़ी में कई जहाजों पर सैन्य गतिविधि के दौरान गोलीबारी किए जाने की पुष्टि की.
पहली बार अरब सागर तक बढ़ाया ‘नो-गो जोन’
ईरान ने पहली बार अपने घोषित “प्रतिबंधित क्षेत्र” का विस्तार ओमान की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों तक किया है. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने चेतावनी दी कि बिना समन्वय के इस इलाके में प्रवेश करने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जाएगी. इससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है.
अमेरिकी टैंकर हमले के बाद ईरान का जवाब
ईरान ने यह भी दावा किया कि उसकी सेना ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया. ईरान के मुताबिक यह हमला अमेरिका की ओर से उसके पांच तेल टैंकरों को नष्ट किए जाने के जवाब में किया गया. जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने देश की ओर दागी गई 18 मिसाइलों को रोक दिया. तेहरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले को “आत्मरक्षा” बताया है.
अमेरिका ने कहा- हमले जारी रहेंगे
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाता है, तो अमेरिका ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई जारी रखेगा. अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान की ओर से अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाए जाने के बाद उसकी कार्रवाई हुई. पिछले एक सप्ताह में यह दूसरा ऐसा मामला बताया गया है.
होर्मुज से गुजरने के लिए परमिशन और फीस का विवाद
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पिछले कई हफ्तों से आवाजाही प्रभावित है. ईरान ने जहाजों से इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने के लिए अनुमति लेने और ट्रांजिट फीस देने की मांग की है. दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. ऐसे में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है.
ट्रंप का दावा- मिडटर्म चुनाव के बाद खत्म हो जाएगा युद्ध
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि ईरान अब ज्यादा समय तक संघर्ष नहीं झेल सकता. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को निजी तौर पर संकेत दिया है कि संघर्ष ट्रंप के कार्यकाल के बाकी दो वर्षों तक भी खिंच सकता है.
ईरान ने रखीं युद्ध खत्म करने की शर्तें
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि अगर अमेरिका कुछ शर्तें मान लेता है तो युद्ध खत्म हो सकता है. इनमें यमन की नाकेबंदी समाप्त करना, लेबनान से इजरायली सेना की वापसी और अरबों डॉलर की जमी हुई ईरानी संपत्तियों को जारी करना शामिल है. फिलहाल दोनों देशों के बीच टकराव कम होने के बजाय समुद्री क्षेत्र में और फैलता दिख रहा है.
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