खामेनेई के करीबी ने ट्रंप को दी वॉर्निंग, बोले- ईरान की सेना अमेरिका को झुकने पर मजबूर कर देगी

Iran Warns Donald Trump: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार मोहन रेजाई ने डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरानी सेना अमेरिका को सरेंडर करने और पीछे हटने पर मजबूर कर देगी. ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर हमले की योजना टालने की बात कही थी, जिसका जवाब रेजाई ने दिया है. .

Iran Warns Donald Trump: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान की ओर से वाशिंगटन को तीखी चेतावनी दी गई है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं की ‘लोहे जैसी ताकत’ अमेरिका को पीछे हटने और झुकने पर मजबूर कर देगी. रेजाई ने ट्रंप के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल दिया है.

मोहन रेजाई ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए ट्रंप की निर्णय क्षमता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ट्रंप पहले सैन्य हमले की समयसीमा तय करते हैं और फिर खुद ही उसे रद्द कर देते हैं. रेजाई ने लिखा, ‘उन्हें यह बेकार की उम्मीद है कि ईरानी जनता और सरकार दबाव में आकर आत्मसमर्पण कर देंगे. लेकिन ईरान की शक्तिशाली सेना और देश की जनता उन्हें पीछे हटने और हार मानने पर मजबूर कर देगी.’

ट्रंप ने कहा था- कुछ दिनों के लिए टाला हमला

सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने फिलहाल ईरान पर संभावित हमला कुछ समय के लिए रोक दिया है. अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि सऊदी अरब, कतर और यूएई ने अमेरिका से अनुरोध किया था कि सैन्य कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए, क्योंकि उन्हें लगता है कि बातचीत के जरिए समझौता होने की संभावना बढ़ रही है.

ट्रंप ने मीडिया में भी यही बात दोहराई. पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘मैंने ईरान पर हमले को थोड़े समय के लिए रोका है. उम्मीद है कि शायद हमेशा के लिए इसकी जरूरत न पड़े. ईरान के साथ हमारी बड़ी बातचीत चल रही है और देखना होगा उसका नतीजा क्या निकलता है.’

ट्रंप ने यह भी कहा कि कई देश अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं. उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया के कई देशों ने सीधे अमेरिकी अधिकारियों और ईरान से संपर्क किया है. उन्होंने कहा, ‘ऐसा लग रहा है कि समझौते की अच्छी संभावना है. अगर बिना भारी बमबारी किए समाधान निकल आया तो मुझे बेहद खुशी होगी.’

ईरानी राष्ट्रपति बोले- बातचीत का मतलब समर्पण नहीं

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोमवार को कहा कि बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं होता. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान अपने लोगों और देश के कानूनी अधिकारों से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ‘तर्क और पूरी ताकत’ के साथ देश के हितों और सम्मान की रक्षा करती रहेगी.

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फिर पाकिस्तान के जरिए पहुंचा ईरान का नया प्रस्ताव 

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में ईरान के 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को पर्याप्त नहीं माना था. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में ऐसे बड़े बदलाव नहीं थे, जिनसे किसी ठोस समझौते की दिशा में प्रगति दिखाई दे. ईरान ने एक बार फिर रविवार रात पाकिस्तान के माध्यम से अपना संशोधित प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचाया. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, नए ड्राफ्ट में पिछली शर्तों की तुलना में केवल सीमित बदलाव किए गए हैं. वॉशिंगटन अब भी मानता है कि ईरान जरूरी रियायतें देने को तैयार नहीं है.

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परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ा तनाव

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप अब भी बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं, लेकिन तेहरान की सख्त शर्तों और समझौते से पीछे हटने वाले रुख से उनकी नाराजगी बढ़ रही है. वहीं, ईरान लगातार कहता रहा है कि वह अपने परमाणु अधिकारों से समझौता नहीं करेगा और किसी दबाव में नहीं झुकेगा.

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Published by: Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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