Fact Check: बांग्लादेश में साधु की जटा काटकर मुस्लिम बना दिया? Viral Video का सच यहां जानें

Fact Check : बांग्लादेश में साधु की जटा काटकर उसे मुसलमान बनाने के दावे से वीडियो वायरल हो रहा है. पड़ताल में पता चला कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुस्लिम है, जिसे कुछ युवकों ने नहलाकर साफ कपड़े पहनाए थे.

Fact Check : बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार से जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें कुछ युवकों को एक व्यक्ति को पकड़कर उसके बाल काटते देखा जा सकता है. कुछ यूजर्स इसको शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो बांग्लादेश में एक साधु के जबरन बाल काटकर मुसलमान बनाए जाने का है.

विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. दरअसल, बाजार में सड़क पर घूमते बेसहारा मुस्लिम व्यक्ति को कुछ युवकों ने साफ करके नहलाया था. उस वीडियो को साधु को जबरन मुस्लिम बनाने के गलत दावे से वायरल किया जा रहा है. हालांकि, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि बांग्लादेश सरकार के सामने हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा का मामला उठाया गया है और सरकार उस पर नजर बनाए हुए हैं.

क्या है वायरल पोस्ट?

फेसबुक यूजर Hiren Fifadra ने 13 दिसंबर को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,

“बांग्लादेश मे एक साधु जटाजुट को काटकर मुसलमान बना दिया हैं,
आखिर कौन सी लाइव,
देखने के बाद सोया हिंदू,
जागेगा,
एक होगा…..
मुसलमान समर्थित कांग्रेस का खुला विरोध करने का समय आ गया है,”

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो को ध्यान से देखा. इसमें कुछ युवक एक व्यक्ति को पकड़कर उसके बाल काटते दिख रहे हैं. देखने से युवक किसी एनजीओ का हिस्सा लग रहे हैं.

वीडियो पर Sharif Wal लिखा हुआ है. इस बारे में सर्च किया तो यह वीडियो इस चैनल पर मिला. इस पर 7 नवंबर 2024 को इस वीडियो को पोस्ट किया गया है. इसमें लिखा है, मानवता अभी जिंदा है. इससे हमें वायरल दावा संदिग्ध लगा.

वीडियो का की-फ्रेम गूगल लेंस से सर्च करने पर फेसबुक यूजर Mahbub creation 4 की प्रोफाइल पर इस वीडियो का लंबा वर्जन मिला. इसे 1 नवंबर को अपलोड किया गया है. वीडियो में युवक उस व्यक्ति को नहलाकर उसे साफ कपड़े पहनाते हुए देखे जा सकते हैं. इसके साथ में लिखा है, ‘हमने उस आदमी के परिवार को ढूंढ़ लिया है, लेकिन अब हम इस आदमी को नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं.’

इस पेज पर इसी तरह के अन्य वीडियो भी अपलोड किए गए हैं, जिनमें बेसहारा लोगों को नहलाकर साफ कपड़े पहनाए गए हैं.

9 दिसंबर को इस पेज से एक लाइव किया गया है, जिसमें बेसहारा व्यक्ति की साफ-सफाई करने वाले युवक को देखा जा सकता है. इसके साथ में लिखा है, भारत में उनके वीडियो के साथ गलत दावा किया जा रहा है कि वे एक साधु को जबरन मुस्लिम बना रहे हैं.

इस बारे में हमने बांग्लादेश के फैक्ट चेकर तनवीर महताब से संपर्क कर उनको वायरल वीडियो भेजा. उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुस्लिम है.

14 दिसंबर 2024 को एबीपी लाइव की वेबसाइट पर पीटीआई के हवाले से छपी खबर के अनुसार, संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने बांग्लादेश सरकार के सामने इस मामले को उठाया है. विदेश सचिव भी हाल ही में बांग्लादेश गए थे. उन्होंने भी वहां इस मामले को रखा था.

निष्कर्ष: बांग्लादेश में साधु की जटा काटकर उसे मुसलमान बनाने के दावे से वीडियो वायरल हो रहा है. पड़ताल में पता चला कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुस्लिम है, जिसे कुछ युवकों ने नहलाकर साफ कपड़े पहनाए थे.

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(डिस्क्लेमर : इस खबर का फैक्ट चेक विश्वास न्यूज ने किया है. प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) ने शक्ति कलेक्टिव के साथ भागीदारी के तहत इस फैक्ट चेक को कुछ संशोधनों के साथ पुनर्प्रकाशित किया है.)

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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