टिकटॉक को बंद कर देंगे डोनाल्ड ट्रंप? अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन को दी धमकी

Donald Trump on TikTok : न्यू जर्सी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सौदे की तारीख बढ़ेगी या नहीं पता नहीं, यह फैसला चीन के रवैये पर निर्भर. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म टिकटॉक को लेकर अपनी राय रखी. जानें ट्रंप ने क्या कहा?

Donald Trump on TikTok : अमेरिकी राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा, अगर सौदे की समयसीमा पूरी हुई तो वह टिकटॉक को बंद होने दे सकते हैं. न्यू जर्सी में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता वह सौदे की समयसीमा फिर बढ़ाएंगे या नहीं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह फैसला चीन पर निर्भर करेगा. यानी सौदे को लेकर आगे क्या कदम उठेंगे, यह चीन के रुख और सहयोग पर ही तय होगा. ट्रंप ने कहा, “हो सकता है सौदा हो या न हो. हम टिकटॉक पर बातचीत कर रहे हैं. शायद इसे बंद होने दें या फिर आगे बढ़ाएं, अभी तय नहीं. यह चीन पर निर्भर है. मुझे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन बच्चों के लिए करना चाहूंगा क्योंकि उन्हें यह बहुत पसंद है.”

टिकटॉक बेचने या बंद करने का आदेश

अगर समयसीमा 17 सितंबर से आगे बढ़ती है तो यह डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिया गया चौथा मौका होगा. यह कानून मूल रूप से बाइटडांस को जनवरी 2025 तक टिकटॉक बेचने या बंद करने का आदेश देता है. पिछले महीने ट्रंप ने कहा था कि ऐप खरीदने के लिए अमेरिकी खरीदार तैयार हैं और वे समयसीमा को और बढ़ा सकते हैं.

टिकटॉक का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की जासूसी के लिए?

वॉशिंगटन में चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने वाले लंबे समय से आशंका जताते रहे हैं कि बीजिंग टिकटॉक का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की जासूसी, ब्लैकमेल या सेंसर करने के लिए कर सकता है. हालांकि, ट्रंप का कहना है कि वह इस ऐप को बचाना चाहते हैं, जिसने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने में मदद की थी.

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चीन ने टिकटॉक के सौदे में लगाया अड़ंगा

सौदे को लेकर बहुत ही धीमी प्रक्रिया चल रही है क्योंकि टिकटॉक का अहम एल्गोरिदम किसी अमेरिकी खरीदार को देने से पहले बीजिंग की मंजूरी जरूरी है. कुछ महीने पहले एक सौदे पर काम चल रहा था, जिसके तहत टिकटॉक के अमेरिकी संचालन को एक नई अमेरिकी कंपनी में अलग किया जाना था, जिसमें बहुमत हिस्सेदारी और संचालन अमेरिकी निवेशकों के पास होता. लेकिन यह योजना उस वक्त रोक दी गई जब चीन ने संकेत दिया कि वह इसे मंजूरी नहीं देगा, खासकर ट्रंप द्वारा चीनी सामानों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद.

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By Amitabh Kumar

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