Donald Trump Lashes Out NATO: डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा- अमेरिका को हमारे ज्यादातर NATO सहयोगियों ने बताया है कि वे मिडिल ईस्ट में ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ हमारे सैन्य अभियान में शामिल नहीं होना चाहते. ऐसा तब है, जब लगभग हर देश इस बात से पूरी तरह सहमत थे कि हम जो कर रहे हैं वह सही है. ईरान को किसी भी तरह से, किसी भी रूप में, परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती. हालांकि, मुझे उनके इस कदम पर कोई हैरानी नहीं हुई.
NATO देशों की सुरक्षा पर हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है अमेरिका
ट्रंप ने आगे लिखा- अमेरिका NATO देशों की सुरक्षा पर हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है. ट्रंप ने नाटो की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे वन-वे स्ट्रीट बताया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- यानी, हम उनकी रक्षा करेंगे, लेकिन वे हमारे लिए कुछ नहीं करेंगे. खासकर जरूरत के समय में.
हमने ईरान की सेना को पूरी तरह तबाह कर दिया : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा- हमने ईरान की सेना को पूरी तरह तबाह कर दिया है. उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनके विमान-रोधी और रडार सिस्टम खत्म हो चुके हैं. सबसे अहम बात यह है कि उनके नेता लगभग खत्म हो चुके हैं. अब वे न तो हमें, न ही हमारे मिडिल ईस्ट सहयोगियों को, और न ही पूरी दुनिया को फिर कभी धमका पाएंगे.
हमें NATO देशों की मदद की कोई जरूरत नहीं है : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जाहिर करते हुए पोस्ट में लिखा- अब हमें NATO देशों की मदद की न तो कोई जरूरत है और न ही कोई इच्छा. हमें तो इसकी जरूरत कभी थी ही नहीं. यही बात जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया पर भी लागू होती है.
क्यों नाटो देशों पर भड़के ट्रंप?
इजराइल और अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है. ट्रंप चाहते थे कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देश अपनी नौसेना तैनात करें. लेकिन सभी देशों ने उन्हें मदद करने से साफ इनकार कर दिया. ट्रंप इसी बात से नाराज हैं. ट्रंप का तर्क है कि चूंकि इन देशों का व्यापार इस मार्ग पर निर्भर है, इसलिए इसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी इन्हीं देशों की होनी चाहिए.
