सउदी अरब से भारतीयों को निकाल नहीं जा सकता

जेद्दाह: सउदी अरब में वर्षों से रह रहे लोगों के लिये ‘निताकत’ कानून को वापसी का एक ‘अवसर’ बताते हुए भारत ने आज कहा कि आमधारणा के विपरीत पिछले कुछ महीनों में सउदी अरब आने वाले भारतीयों की संख्या ‘उल्लेखनीय रुप से’ बढ़ी है. सउदी अरब में भारतीय दूतावास में मंत्री एवं मिशन उप प्रमुख […]

जेद्दाह: सउदी अरब में वर्षों से रह रहे लोगों के लिये ‘निताकत’ कानून को वापसी का एक ‘अवसर’ बताते हुए भारत ने आज कहा कि आमधारणा के विपरीत पिछले कुछ महीनों में सउदी अरब आने वाले भारतीयों की संख्या ‘उल्लेखनीय रुप से’ बढ़ी है.

सउदी अरब में भारतीय दूतावास में मंत्री एवं मिशन उप प्रमुख सिबी जार्ज ने कहा, ‘‘लोगों को निकाला नहीं जा रहा है. सउदी अधिकारियों के मुताबिक, पिछले तीन महीने में सउदी अरब आए भारतीयों की संख्या उल्लेखनीय रुप से बढ़ी है.’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि निताकत कार्यक्रम और 3 जुलाई तक के लिए दी गई तीन महीने की छूट की अवधि उन लोगों के लिए एक अवसर है जो सउदी अरब में जरुरत से अधिक समय से रह रहे हैं और 1997 से भारत नहीं गए हैं.

जार्ज ने बताया, ‘‘यहां जरुरत से अधिक समय से रह रहे प्रत्येक भारतीय को अपनी कानूनी स्थिति दुरुस्त करने, नयी नौकरी तलाशने या भारत वापस जाने और बिना किसी दंड के वापस लौटने का एक अवसर दिया गया है.’’ निताकत कानून के तहत विदेशी कामगारों को नियमित करने का प्रस्ताव है और इसके अंतर्गत स्थानीय कंपनियों के लिए प्रत्येक 10 विदेशी कामगार पर एक सउदी नागरिक को नौकरी रखने की अनिवार्यता है.

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