संयुक्त राष्ट्र संघ के पैनल ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है. संयुक्त राष्ट्र का ‘वर्किंग ग्रुप ऑन आरबिट्ररी डिटेन्शन’ ने अंसाज के द्वारा लगाये गये आरोपों का छानबीन कर रहा था. यूएन पैनल ने कहा कि अंसाज को गैरकानूनी रूप "स्वैच्छिक हिरासत " में लिया गया है.
संयुक्त राष्ट्र के पैनल ने कहा , असांज को "स्वैच्छिक हिरासत" में रखा गया था
संयुक्त राष्ट्र संघ के पैनल ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है. संयुक्त राष्ट्र का ‘वर्किंग ग्रुप ऑन आरबिट्ररी डिटेन्शन’ ने अंसाज के द्वारा लगाये गये आरोपों का छानबीन कर रहा था. यूएन पैनल ने कहा कि अंसाज को गैरकानूनी रूप "स्वैच्छिक हिरासत " में लिया गया है. […]

इससे पहले असांज ने यूएन पैनल से गुहार लगाया था कि उन्हें स्वैच्छिक हिरासत में रखा गया है. अगर वो दूतावास छोड़ते है तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.गौरतलब है कि जूलियन असांज ने जून 2012 से लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले रखी है. उन पर यौन शोषण का आरोप है. असांज के वकील ने यह आशंका जताया है कि उन्हें गिरफ्तार कर अमेरिका भेज दिया जायेगा और वहां उनपर गुप्त दस्तावेजों के लीक होने के मामले पर मुकदमा चलाया जायेगा.विकीलिक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने जून 2012 से लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले रखी है