वॉशिंगटन : एक पूर्व शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का कहना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने जा रहे नवाज शरीफ भले ही भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए गंभीर प्रतीत हो रहे हों लेकिन शक्तिशाली सेना के समर्थन के बिना शायद वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकेंगे.
भारत पाक संबंधों को सुधारने के लिए लाहौर से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के बारे में पूछने पर पाकिस्तान के पूर्व अमेरिकी राजदूत कैमरन मंटेर ने कल कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि शरीफ सेना के साथ अपने संबंध कैसे बनाते हैं.
उन्होंने कहा मेरे विचार से ऐतिहासिक कारणों के चलते कई भारतीयों के मन में पाकिस्तानी सेना को लेकर संदेह ही नजर आता है. वॉशिंगटन स्थित प्रख्यात अमेरिकी विचार समूह काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन्स द्वारा आयोजित एक गोष्ठी में मंटेर ने कहा नवाज के साथ सकारात्मक तरीके से काम करते हुए पाकिस्तानी सेना इन आशंकाओं को दूर करने के लिए कदम उठा सकती है.
उन्होंने कहा लेकिन मुझे लगता है कि जब तक (शरीफ और सेना) भारत के प्रति व्यापक पहल नहीं करते तब तक उनके लिए सीमाएं बनी रह सकती हैं.
