काठमांडो : नेपाल में सत्तारुढ़ गठबंधन, विपक्ष और मधेसियों के बीच महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला और आंदोलन कर रहे भारतीय मूल के नेताओं ने सरकार से उनके मुद्दों पर ध्यान देने के लिए एक पैकेज समझौता करने को कहा.
मधेसी नेताओं के उच्चस्तरीय राजनीतिक परामर्श करके भारत की चार दिवसीय यात्रा से लौटने के बाद यह पहली त्रिपक्षीय वार्ता थी. बैठक में भाग लेने वाले नेपाली कांग्रेस के महासचिव प्रकाश मान सिंह के अनुसार संघीय राज्यों के पुन: सीमांकन, जनसंख्या का समानुपात और समावेश से संबंधित मुद्दों पर प्रमुखता से विचार-विमर्श किया गया.
मधेसियों ने सरकार से उनके द्वारा उठाये गये सभी मुद्दों पर ध्यान देने के लिए एक पैकेज समझौता करने को कहा, जिसके बाद बैठक बेनतीजा समाप्त हो गयी. मधेसी एक पैकेज समझौते में अपनी 11 सूत्री मांगों पर ध्यान नहीं दिये जाने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे.
आज की बैठक में मधेस क्षेत्र के दलों ने सरकार को विधानसभा-संसद की बैठक में पुनर्निर्माण प्राधिकरण विधेयक को पेश करने की अनुमति दी जिसका उद्देश्य भूकंप में तबाह हुई इमारतों के पुनर्निर्माण के लिए देश में एक पुनर्निर्माण प्राधिकरण बनाना है.
हालांकि सीमा पर नाकाबंदी को समाप्त करने के लिए बातचीत में कोई सहमति नहीं बनी. आंदोलनकारी मधेसी नेताओं ने पिछली सरकार द्वारा प्रेषित प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक को खारिज कर दिया, जिसे बातचीत में पेश किया गया था.
