वाशिंगटन : अमेरिका के एक पूर्व कूटनीतिज्ञ ने कहा है कि रक्षा सहयोग भारत और अमेरिका के संबंधों का एक सुखद पहलू है और दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय रक्षा व्यापार को विस्तार देने में अदभुत तरीके से कदम बढ़ाए हैं.
दक्षिण और मध्य एशिया के पूर्व सहायक विदेश सचिव कार्ल एफ इंडरफर्थ ने कहा, ‘‘हाल के कुछ माह में अमेरिका और भारत के संबंधों में कुछ मंदी देखने को मिली है, जिसकी मुख्य वजह व्यापार और निवेश संबंधी चिंताएं हैं. हालांकि रक्षा सहयोग फिर भी एक सुखद पहलू रहा है. असल में पिछले साल रक्षा सहयोग अमेरिका-भारत संबंध का केंद्रीय बिंदु बन गया है.
इस समय इंडरफर्थ एक प्रतिष्ठित अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में अमेरिका-भारत नीति अध्ययन के वाधवानी चेयर पद :प्रमुख: पर आसीन हैं.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री सिंह द्वारा सितंबर में जारी ‘रक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा’ इस बात को पुख्ता करती है क्योंकि अमेरिका भारत को वे सभी विशेषाधिकार देने के लिए राजी हो गया, जो कि वह अपने निकटतम सहयोगियों को ही देता है. ये विशेषाधिकार रक्षा व्यापार, तकनीक हस्तांतरण, सह-निर्माण और सह-विकास से जुड़े हैं.
