वाशिंगटन: फिल्म अभिनेता से राजनीतिक नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रहित की आज मांग है कि भाजपा और कांग्रेस, अगले आम चुनाव के बाद अपने न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर एक गठबंधन सरकार के गठन पर गंभीरता से विचार करें.
भाजपा सांसद ने जोर देकर कहा कि भाजपा-कांग्रेस की एक संयुक्त सरकार का उनका विचार प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की ‘भारत प्रथम’ की अवधारणा में फिट बैठता है. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के नेताओं द्वारा ऐसा फैसला लिए जाने से एक मजबूत और स्थिर का गठन होगा, जो इस वक्त की जरुरत है.सिन्हा ने कहा कि अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में खंडित जनादेश मिलने की स्थिति में इससे छोटी पार्टियों और क्षेत्रीय नेताओं द्वारा की जाने वाली ब्लैकमेलिंग से बचाएगा.एक सप्ताह की यात्रा पर वाशिंगटन पहुंचे इस 67 वर्षीय भाजपा नेता ने कहा कि वह यह बात एक जिम्मेदार नागरिक और एक ऐसे कलाकार के तौर पर बोल रहे हैं, जिसके लिए देश उसकी अन्य सभी प्राथमिकताओं से पहले और शीर्ष पर है.
सिन्हा ने कहा, ‘‘यह निश्चित रुप से मेरी पार्टी का दृष्टिकोण नहीं है. लेकिन मेरी आशा, इच्छा और प्रार्थना है कि यह कांग्रेस पार्टी सहित अन्य पार्टियों के दृष्टिकोण के साथ साथ मेरी पार्टी का भी दृष्टिकोण बने.’’ उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘यह भारत प्रथम का समय है, पार्टी प्रथम का नहीं.’’
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की बहुमत वाली सरकार का गठन करना पहला विकल्प होगा. लेकिन त्रिशंकु संसद की स्थिति में दो दलों को अपने न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर एक मजबूत गठबंधन सरकार के गठन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. पूर्ववर्ती राजग और वर्तमान संप्रग सरकार के कड़ुवे अनुभवों का जिक्र करते हुए सिन्हा कहते हैं कि त्रिशंकु संसद की स्थिति में छोटे और क्षेत्रीय दलों द्वारा रोजाना की जाने वाली ‘राजनीतिक ब्लैकमेलिंग खत्म’ करने के लिए भाजपा और कांग्रेस को जरुरी कदम उठाने चाहिए.
