इस्लामाबाद : पाकिस्तान की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ करोड़ों डॉलर की रिश्वत के मामलों को फिर से नहीं खोला जा सकता क्योंकि इस मुद्दे को लेकर बहुत देर हो चुकी है.
समाचार पत्र डॉन के अनुसार एटार्नी जनरल मुनीर मलिक ने यहां की सबसे बड़ी अदालत को बताया कि जरदारी के खिलाफ 6 करोड़ डॉलर के कथित धनशोधन से संबंधित मामलों को फिर से खोलना संभव नहीं है क्योंकि सरकार की अपील में बहुत देर हो गयी और साल 2008 में जिनिवा में पूर्व एटॉर्नी जनरल द्वारा मामलों को बंद करने का किया गया फैसला आखिरी था.
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सरकार के इस रुख को लेकर निराशा जताई है. उसने कहा कि यह उसके आदेश का उल्लंघन है.सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार इस मामले में व्यवहारिक रूप से कदम उठाने की बजाय अदालत के आदेश की प्रतीक्षा कर रही है.
