अराफात की मौत में तीसरे पक्ष की भूमिका का संकेत मिलता है

लुसाने-रामल्ला: स्विस वैज्ञानिकों ने कहा है कि फलस्तीन के नेता यासिर अराफात के शरीर के अवशेषों में पाए गए पोलोनियम के उच्च स्तर से इस बात का संकेत मिलता है कि मामले में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका रही होगी. लुसान इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड रेडियोफिजिक्स के प्रोफेसर फ्रांसवा बोचद ने कहा कि उनकी टीम ने […]

लुसाने-रामल्ला: स्विस वैज्ञानिकों ने कहा है कि फलस्तीन के नेता यासिर अराफात के शरीर के अवशेषों में पाए गए पोलोनियम के उच्च स्तर से इस बात का संकेत मिलता है कि मामले में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका रही होगी.

लुसान इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड रेडियोफिजिक्स के प्रोफेसर फ्रांसवा बोचद ने कहा कि उनकी टीम ने पाया कि अवशेषों में पोलिनियम की मात्र पहले की जांच में मिले पोलिनियम की मात्र से 20 गुना ज्यादा थी. उन्होंने कहा, ‘‘इससे तीसरे पक्ष की संलिप्तता की संकेत मिलता है. हम यह नहीं कह सकते कि पोलोनियम के कारण ही उनकी मौत हुई. हम इसे खारिज भी नहीं कर सकते.’’ अराफात का 11 नवंबर, 2004 को पेरिस के एक अस्पताल में निधन हो गया था.

अराफात हत्या की आशंका जताए जाने के बाद ‘पेलस्टीन लिबरेशन आर्गनाइजेशन’ (पीएलओ) एक अधिकारी ने इस पूरे मामले की वैश्विक जांच का आह्वान किया है. पीएलओ की कायकारिणी के सदस्य वासेल अबू यूसुफ ने कहा, ‘‘जांच के नतीजे से साबित होता है कि अराफात को पोलोनियम के जरिए जहर दिया गया था. ऐसे रासायनिक तत्व का स्वामित्व सरकारों के हाथ में होता है. इसका मतलब यह है कि यह हत्या किसी सरकारी तंत्र द्वारा की गई है.’’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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