संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र की एक शीर्ष मानवाधिकार अधिकारी ने बांग्लादेश में व्यापक सुनवाई होने के बाद 152 सीमा रक्षकों :बॉर्डर गॉर्डस: को मौत की सजा सुनाये जाने के फैसले को गंभीर चेतवानी करार देते हुए कहा है कि यह फैसला अनुचित है.विश्व संस्था में मानवाधिकार आयुक्त नवी पिल्लै ने कल कहा कि यह सुनवाई प्रक्रिया प्रमुख बुनियादी मानकों को पूरा करने में विफल रही है.
बांग्लादेश की एक अदालत ने वर्ष 2009 में हुई बगावत के मामले में 152 सुरक्षाकर्मियों को मंगलवार को मौत की सजा सुनायी है. इस मामले की विस्तृत सुनवाई हुई और इसमें बचाव पक्ष के 846 लोगों के बयान लिए गए. सुनवाई के बाद 152 लोगों को मौत की सजा सुनाई जिसकी ह्यूमन राइट्स वाच ने आलोचना की है. ह्यूमन राइट्स वाच का कहना है कि यह विश्वसनीय नहीं है और कम से कम 47 संदिग्धों की हिरासत के दौरान मौत हो गयी थी.
सीमा रक्षकों ने कहा था कि बेहतर वेतन, संयुक्त राष्ट्र शान्ति मिशनों के कार्य के दौरान बेहतर सुविधाएं और अच्छे भत्ते की मांग को लेकर विद्रोह किया था.बगावत तो खत्म कर दी गई लेकिन इसमें 74 लोग मारे गये थे जिसमें सेना के 57 कमांडर शामिल थे.
