नयी दिल्ली: कुवैत के प्रधानमंत्री शेख जाबेर अल.मुबारक अल.हामाद अल.साबाह 7 नवंबर को यहां भारत की यात्रा पर पहुंचेंगे. कुवैती सरकार के किसी प्रमुख द्वारा पिछले एक दशक में यह पहली यात्रा होगी.
पेट्रोलियम पदार्थो के लिहाज से धनी कुवैत के प्रधानमंत्री की चार दिन की भारत यात्रा के दौरान उर्जा सुरक्षा, व्यापार और निवेश जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी. शेख जाबेर के साथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योगपतियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा जो कि यहां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित शीर्ष नेताओं से बातचीत होगी. वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा के साथ उनकी मुलाकात होगी.
इस खाड़ी देश में वर्ष 2003 में शहजादे और प्रधानमंत्री का पद अलग होने के बाद कुवैत से सरकार के स्तर पर यह पहली यात्रा होगी. भारत से कुवैत को सरकार के स्तर पर उच्चस्तरीय यात्रा 1981 में हुई थी जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुवैत की यात्रा की थी.कुवैत भारत का चौथा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आपूर्तिकर्ता देश है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2012.13 में 17 अरब डालर रहा.
भारत यात्रा के दौरान शेख जाबेर उद्योग संगठन .फिक्की, सीआईआई और एसोचैम.. के साथ भी दोपहर के भोज पर एक बैठक करेंगे.आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दोनों देश इस दौरान उर्जा तथा अन्य क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने की संभावनायें तलाशेंगे. इसके लिये तेल शोधन, रिफाइनरियों, पेट्रोरसायन परिसरों और उर्वरक संयंत्रों में आपसी सहयोग की संभावनायें तलाशी जायेंगी.भारत और कुवैत के बीच दोस्ताना रिश्ते हैं. करीब सात लाख भारतीय कुवैत में काम कर रहे हैं और कुवैत के विकास और प्रगति में उनका अहम् योगदान रहा है.
