17,846 आतंकवादी हमले, 24,373 लोगों की मौत, चौंका रहे हैं पाकिस्तान में हुए आतंकी हमलों के आंकड़े

Pakistan Terror Attacks: पाकिस्तान में सिर्फ साल 2024 के अगस्त महीने में में कुल 59 आतंकी हमले हुए थे. इन हमलों में 84 लोगों की जान चली गई. जबकि जुलाई महीने में 38 आतंकी हमले हुए थे. 2006 से लेकर अब तक पाकिस्तान में 17,846 आतंकी हमले हुए हैं.

Pakistan Terror Attacks: पाकिस्तान की सियासत बंदूक से चलती है. यहां बंदूक से सवाल पूछते हैं और जवाब भी बंदूक से दी दिया जाता है. भारत पर आतंकी हमलों की साजिश करते-करते अब पाकिस्तान खुद आतंकवाद का बड़ा शिकार होता जा रहा है. आए दिन कहीं न कहीं आतंकी वारदात हो रही है. हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में बहुत इजाफा हुआ है. पीआईपीएस के एक आंकड़े के मुताबिक पाकिस्तान में इसी साल सिर्फ अगस्त के महीने में 59 आतंकी हमले हुए हैं. जिसमें दर्जनों लोगों की जान चली गई.

पाकिस्तान में एक महीने में 49 आतंकी हमले
पाकिस्तान में अगस्त 2024 में कुल 59 आतंकी हमले हुए. इन हमलों में 84 लोगों की जान चली गई. वहीं इससे पिछले महीने यानी जुलाई में 38 आतंकी हमले हुए थे. इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक पाक इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में हुए 59 हमलों के साथ 2024 में पाकिस्तान में इस साल कुल 325 हमले हुए हैं.

कहां हुए सबसे ज्यादा आतंकी हमले
पाकिस्तान में आतंकी हमलों की बात करें तो सबसे ज्यादा हमले खैबर पख्तूनख्वा में हुए हैं. पाकिस्तान की अखबार द डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीआईपीएस के आंकड़ों के अनुसार खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा 29 आतंकी हमले हुए है. जबकि, बलूचिस्तान में 28 हमले हुए हैं. वहीं पंजाब में दो हमले हुए जिनमें 84 लोगों को जान गंवानी पड़ी और 166 अन्य घायल हुए. पीआईपीएस के जारी आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2006 से लेकर अब तक पाकिस्तान में 17,846 आतंकी हमले हुए है. इन हमलों में 24,373 लोगों की जान चली गई. जबकि 48,085 लोग घायल हुए है.

पाकिस्तान में आतंक विरोधी अभियान
इधर, आतंकी हमलों के खिलाफ पाकिस्तान ने कई अभियान भी चलाया है. सुरक्षा बलों और पुलिस के आतंकवाद रोधी विभागों ने सिर्फ अगस्त महीने में देश में 12 आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए. वहीं जुलाई महीने में 11 अभियान चलाए गए थे. इन अभियानों में 88 आतंकवादियों को मार गिराया गया. वहीं, 15 सैन्यकर्मी और तीन पुलिसकर्मी भी मारे गये थे. भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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