संयुक्त राष्ट्र : पाकिस्तान ने अपने यहां हो रहे अमेरिकी ड्रोन हमले रोकने की मांग दोहराई है. इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के दो विशेषज्ञों ने भी हथियारों के उपयोग में व्यापक पारदर्शिता बरतने का आह्वान किया है.
विश्व संस्था में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान ने कल संयुक्त राष्ट्र महासभा अधिकार समिति की बहस में कहा पाकिस्तान में होने वाले सभी ड्रोन हमले, आतंकवादियों द्वारा प्रतिशोध के तौर पर किये जाने वाले भयावह हमलों की याद दिलाते हैं. इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मुलाकात के दौरान अपने देश में अमेरिकी ड्रोन हमले बंद करने का आग्रह किया था.
संयुक्त राष्ट्र महासभा अधिकार समिति की बहस में खान ने कहा कि अमानवीय तरीके से नागरिकों की जान जा रही है और इन हमलों की वजह से पाकिस्तान में आम राय में कट्टरपंथ शामिल हो गया है. खान ने कहा हम पाकिस्तान की सीमाओं के भीतर ड्रोन हमलों को तत्काल बंद करने का आह्वान करते हैं.
खान ने कहा हमें उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान की ओर से किए गए इस अत्यावश्यक आह्वान पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा. बुधवार को ओबामा ने वाशिंगटन में शरीफ के साथ अपनी मुलाकात के बाद अमेरिकी ड्रोन हमलों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने से मना कर दिया था.
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र को दो मानवाधिकार जांचकर्ताओं ने अमेरिका तथा अन्य देशों से उनके ड्रोन हमला कार्यक्रम को लेकर और अधिक पारदर्शिता बरतने का आह्वान किया. इन जांचकर्ताओं ने कहा कि इन कार्यक्रमों की गोपनीयता आम नागरिकों को इन हमलों से होने वाली जान माल की हानि के वास्तविक प्रभाव का अनुमान लगाने में बाधक है.
बेन इमर्सन और क्रिस्टोफ हायेन्स ने कल संयुक्त राष्ट्र में इसी विषय पर दो रिपोर्ट पेश कीं. दोनों विशेषज्ञों ने साथ ही अन्य देशों से यह भी बताने का आग्रह किया कि घातक ड्रोन हमले कब स्वीकार्य हैं. उन्होंने कहा कि आपसी सहमति के अभाव में इन हमलों से अव्यवस्था का खतरा बढ़ रहा है क्योंकि कई देशों के पास यह प्रौद्योगिकी है.
