बीजिंग: भारत ने कुछ राज्यों के निवासियों को चीन द्वारा नत्थी वीजा उपलब्ध कराए जाने के मुद्दे पर आज आपत्ति जतायी और साथ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चीनी नागरिकों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए वीजा प्रक्रिया के सरलीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी. चीन भारत के कुछ राज्यों के कुछ हिस्सों पर अपना दावा करता आ रहा है.
दिल्ली में चीनी दूतावास द्वारा हाल ही में आंध्र प्रदेश की दो महिला तीरंदाजों को नत्थी वीजा उपलब्ध कराए जाने का मुद्दा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री ली क्विंग के बीच यहां ग्रेट हाल आफ पीपुल में हुई बैठक में उठा.सिंह ने वार्ता के बाद मीडिया को बताया, ‘‘ हमने चीनी नागरिकों की भारत यात्रा को सुगम बनाने के लिए वीजा प्रक्रिया के सरलीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी और साथ ही उम्मीद जतायी कि चीन भी इसी प्रकार का कदम उठाएगा.’’
सिंह की चीन यात्रा से पूर्व ऐसे संकेत थे कि वीजा व्यवस्था के उदारीकरण संबंधी समझौते पर दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किया जाना पक्का है. लेकिन अरुणाचल प्रदेश की दो निवासियों को नत्थी वीजा जारी किए जाने से क्षुब्ध भारत ने जैसे को तैसा की तर्ज पर इस मुद्दे को टालने का फैसला किया. सूत्रों ने बताया कि इस समझौते पर फिर ‘‘किसी समय’’ हस्ताक्षर किए जाएंगे लेकिन भारत ने फिलहाल ‘‘चीजों को धीमा करने’’ का फैसला किया है.
