वाशिंगटन : अमेरिका और पाकिस्तान अपने विज्ञान और प्रौद्योगिकी समझौते को और 5 साल तक का विस्तार देने पर सहमत हो गए हैं. इस सहमति की सूचना एक आधिकारिक घोषणा द्वारा दी गई.
इस संबंध में पाकिस्तानी विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी और विदेश मंत्रालय में महासागरीय, अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय और वैज्ञानिक मामलों के उपमंत्री डॉक्टर कैरी-एन जोन्स के बीच एक समझौते पर आज हस्ताक्षर किए जाएंगे.
विदेश मंत्रालय ने कल कहा, ‘‘पिछले दशक में इस समझौते ने दोनों देशों को उनके वैज्ञानिक, तकनीकी और अभियांत्रिकी संबंधी क्षमताओं को मजबूत करने, दोनों देशों के वैज्ञानिक और तकनीकी समुदायों के बीच रिश्तों को विस्तार देने और साङो लाभ के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की रुपरेखा मुहैया कराई है.
वर्ष 2003 में विज्ञान और तकनीक समझौता होने के बाद से दोनों सरकारों ने अमेरिका-पाकिस्तान विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग कार्यक्रम के तहत लगभग 3 करोड़ डॉलर की शोध परियोजनाओं को संयुक्त रुप से धन दिया. घोषणा में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा, जनस्वास्थ्य, भूविज्ञान, आपदा प्रबंधन, अभियांत्रिकी, जल और उर्जा समेत विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों से जुड़ीं कुल 83 शोध परियोजनाओं को इसके तहत समर्थन दिया गया.
जिलानी और जोन्स के साथ व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय के निदेशक जॉन पी होल्ड्रन तथा अफगानिस्तान व पाकिस्तान के लिए विदेश मंत्रालय में मुख्य उप विशेष प्रतिनिधि डैन फेल्डमैन भी होंगे.
