वॉशिंगटन :मलाला युसूफजई के संस्मरण ‘आई एम मलाला’ को अमेरिका की जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के सिलेबस में शामिल करने का ऐलान किया है. एक साल पहले तालिबान के हमले का शिकार हुई मलाला ने मौत को पीछे छोड़ दिया और इसके बाद भी लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों में लगी हुई हैं. इस किताब से मलाला के इन्हीं प्रयासों के बारे में जाना जा सकता है.
यूनिवर्सिटी के ग्लोबल विमिन इंस्टिट्यूट ( जीडब्ल्यूआई ) की निदेशक मैरी इल्सबर्ग ने कहा कि सिलेबस में यह लेशन ना सिर्फ छात्रों को शिक्षित करेगी, बल्कि मलाला जिन मुद्दों के लिए आवाज उठा रही है, उसे भी बढ़ावा देगी.हाल में मलाला ने कहा था कि मुझे कई बार भूतों से डर लगता है, लेकिन तालिबान से नहीं. मेरी दुनिया भले ही बदल गई है, लेकिन मेरे इरादे अब भी नहीं बदले हैं. मलाला ने कहा कि कट्टरपंथी नहीं चाहते कि लड़कियां स्कूल जाएं, क्योंकि वे डरते हैं. मलाला ने कहा कि मैं पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनना चाहती हूं और तब हर लड़की को स्कूल भेजूंगी.
