वाशिंगटन: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने मुल्क को आतंकवाद का न तो स्रोत, ना ही कोई केंद्र बताते हुए कहा कि कश्मीर के प्रमुख मुद्दे सहित भारत के साथ मतभेदों का हल करने में अमेरिका उनके देश की मदद करने की स्थिति में है.
व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ अपनी बैठक से एक दिन पहले शरीफ ने कहा कि भारत के साथ अपने बढ़ते संबंधों को लेकर अमेरिका लंबित मुद्दों को हल करने की स्थिति में है.
कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी हस्तक्षेप के कदम को अमेरिका और भारत द्वारा खारिज किए जाने के बाद भी शरीफ ने ऐसे कदम उठाने पर जोर दिया है. शरीफ ने थिंक टैंक यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पाकिस्तान को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का ना तो स्नेत है ना ही प्रमुख केंद्र, जैसा कि कभी कभी आरोप लगाया जाता है.
उन्होंने कहा कि इसके बजाय पाकिस्तान खुद ही एक दशक से अधिक समय से आतंकवाद से पीड़ित है. उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौती आतंकवाद और चरमपंथ है.
शरीफ की ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान के बाद आई हैं जिसमें उन्होंने पिछले महीने ओबामा के साथ एक बैठक के दौरान कहा था कि भारत के पड़ोस में पाकिस्तान आतंकवाद की धुरी है.
